कुवैत में भारतीय दूतावास ने बुधवार को पुष्टी की कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। यह हमला तब हुआ, जब खाड़ी इलाके में तनाव फिर से बढ़ गया था। ईरान ने कुवैत और बहरीन में ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इधर, अमेरिका ने हॉर्मुज के पास आर्मी ऑपरेशन चलाए हैं।
कुवैत के हेल्थ मिनिस्टर ने कहा है कि इस हमले में कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं। इनमें एयरपोर्ट के कर्मचारी और यात्री शामिल हैं। कुवैत के अधिकारियों की मानें तो ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले से एयरपोर्ट की सुविधाओं और राजनयिक मिशनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। कई अन्य घायल हुए हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि हम आज कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। हमारे कई नागरिक घायल हुए हैं। मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद से हमने लगातार जोर देकर कहा है कि आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे इस तरह के हमले बंद करें।
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बाद में घोषणा की कि नुकसान का जायजा लेने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद कुवैत एयरवेज टर्मिनल 4 से अपनी उड़ानें फिर से शुरू कर रहा है। हालिया अटैक ने अप्रैल में हुए सीजफायर को भी तनावपूर्ण बना दिया है। तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। हॉर्मुज के आसपास अनिश्चितता बनी रही है।
बहरीन की सेना ने बताया कि उसने तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया था। साथ ही एक अन्य क्षेत्रीय देश में स्थित एक एयरबेस और हेलीकॉप्टरों पर भी हमला किया था।
अमेरिका की सेना ने बताया कि कुवैत को निशाना बनाकर दागी गई, दो ईरानी मिसाइलें या तो अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गई। या फिर हवा में ही टूटकर बिखर गई। अन्य बैलिस्टिक मिसाइलें भी अपने निर्धारित लक्ष्यों को भेदने में नाकाम रही हैं।
