झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। अब इस पर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस में रार ठनती दिख रही है। इस बीच राजद के अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल से कांग्रेस को चेताया गया है। साथ ही अपने गिरेबां में झांकने की सलाह दी दी गई है।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर राजद के अधिकृत अकाउंट से लिखा गया- झारखंड प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में परिणाम से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस अपने ही सभी विधायकों का समर्थन हासिल करने में नाकाम रही। दूसरे दलों पर बिना सोचे-समझे अनर्गल आरोप लगाने से पूर्व स्वयं में झांककर मंथन और चिंतन करना चाहिए कि विगत मार्च महीने में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस के हरियाणा से 5, ओडिशा से 2 और बिहार से 3 विधायकों ने BJP के पक्ष में खुलकर क्रॉस वोटिंग की तथा जानबूझकर एब्सटेन रहे।
लिखा गया कि यही नहीं उन विधायकों ने खुलकर कैमरा पर आकर कहा कि महागठबंधन का उम्मीदवार उनकी पसंद का नहीं था, उनके शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें कोई निर्देश नहीं दिया इत्यादि इत्यादि। सबूत के तौर पर वीडियो संलग्न है। अब तक उन विधायकों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई की गई? बिहार में वही लोग इनके शीर्ष प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकर अब प्रेस वार्ता भी करते फिरते है।
राजद की ओर से लिखा गया है कि अब फिर झारखंड चुनाव में इनके नेता अपनी असफलता व नाकामी छिपाने तथा RJD एवं CPI (ML) की बीजेपी विरोधी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। ऐसे नेताओं की सतही, हल्की और अधीर टिप्पणी INDIA गठबंधन की एकजुटता को नुकसान पहुंचाती है।
क्या हरियाणा, ओडिशा और बिहार में महागठबंधन के किसी भी नेता ने कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध कभी कोई प्रतिकूल टिप्पणी की? नहीं-कभी नहीं! इसलिए झारखंड के इनके शीर्ष नेताओं को बचकाने बयानों से बचना चाहिए और साथ ही पड़ोसी राज्य बिहार से लेकर अन्य राज्यों में अपने ही उम्मीदवारों के विरुद्ध मतदान करने वालों पर बयानबाजी और कार्रवाई करवानी चाहिए। जय हिन्द, जय इंडिया!
