जम्मू-कश्मीर में प्रतिष्ठित बाबा अमर नाथ की यात्रा औपचारिक तौर से शुरू हो गई है और जम्मू से गुरुवार (2 जुलाई) को पहला जत्था श्रीनगर के लिए रवाना हुआ। कड़ी सुरक्षा में यह जत्था आज शाम श्रीनगर पहुंचेगा। इस बार इस यात्रा को लेकर पहली बार बाबा के दर्शन करने आए युवाओं की अच्छी खासी संख्या है।
गुरुवार सुबह करीब 5 बजे जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जैसे ही अमरनाथ यात्रियों के जत्थे कुशीनगर के लिए रवाना किया पूरा इलाका बम बम भोले की जयकारों से गूंज उठा। देशभर से आए श्रद्धालुओं के चेहरे खिल गए। इस बीच जम्मू से प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों के पहले जाते को रवाना किया तो राजस्थान से आए श्रद्धालुओं का जोश काफी हाई दिखा। राजस्थान से आए श्रद्धालुओं की बस में अधिकतर वह श्रद्धालु है जो पहली बार बाबा के दर्शन कर रहे हैं।
पहली बार बाबा के दर्शन करने आए इन श्रद्धालुओं का दावा है कि वह इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इन श्रद्धालुओं का दावा है कि वह पूरे 1 साल से इंतजार कर रहे हैं कि कब वह दिन आए जब वह इस यात्रा को अंजाम दें। पहली बार यात्रा कर रहे इन युवाओं में किसी तरीके का डर या खौफ नहीं दिखा। इन सब दलों का दावा है कि अगर बाबा ने बुलाया है और सेना तैनात है तो उन्हें किसी बात का कोई डर या खौफ नहीं है।
इन श्रद्धालुओं का दावा है कि जैसे ही उन्हें पता लगा कि अमरनाथ की रजिस्ट्रेशन शुरू हो गई तो इन्होंने सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराया और यह सुनिश्चित किया कि वह पहले जाति में ही भगवान भोलेनाथ के पवित्र शिवलिंग के दर्शन करें। इन श्रद्धालुओं ने कहा कि वह इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन करने जा रहे हैं बल्कि उन्हें यह सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है कि वह पहली बार में ही पहले दिन बाबा के दर्शन करें और बाबा से अपनी मनमानी मुराद पूरी करें।
गौरतलब है कि इस बार की यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने 70000 से अधिक सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर में तैनात किया है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस बीएसएफ और सेना भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात है। अमरनाथ यात्रियों के इस जत्थे के साथ सीआरपीएफ के जवान और कोबरा कमांडो रहते हैं। सीआरपीएफ के ही जवान और कमांडो 300 किलोमीटर लंबे जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस यात्रा को एस्कॉर्ट करते हैं।
बालटाल और पहलगाम पहुंचने के बाद यह श्रद्धालु शुक्रवार सुबह भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए रवाना होंगे। जिस समय अमरनाथ यात्रा श्रीनगर जाती है उसे समय हाईवे पर किसी और वहां को चलने नहीं दिया जाता। पूरे हाईवे को अमरनाथ यात्रा के चलते सील किया जाता है।
इस यात्रा को लेकर इस बार जम्मू कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार कड़े कदम उठाए हैं। देश से करीब 70000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ ही जम्मू कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और सेना भी यात्रा की हिफाजत में जुटी है।
बीजेपी ने दावा किया है कि इस बार की अमरनाथ यात्रा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी। जम्मू में बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने दावा किया है कि इस बार लोग पहलगाम हमले को भूल बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धा और आस्था दिखा रहे हैं। जम्मू में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा दावा किया है।
उन्होंने कहा कि बुधवार भी तवी महा आरती में जो भीड़ देखी, जो उत्साह देखा है, वही उत्साह आज है। उन्होंने कहा, “यात्रियों में श्रद्धा और उत्साह है और मुझे यकीन है कि इस बार यह यात्रा हर साल का रिकॉर्ड तोड़ेगी।” सुनील शर्मा ने कहां की यहां पहुंचे हर यात्री को सुरक्षा बलों पर यकीन है।
उन्होंने कहा कि इस बार इस यात्रा को लेकर ना किसी श्रद्धालुओं के मन में डर और ना खौफ है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा है और जम्मू कश्मीर की पहचान है, जहां पर भगवान भोलेनाथ साक्षात श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं।”
उन्होंने कहा, “परंपरागत रूप से इसे आज शुरू किया गया है लेकिन इसमें चुनौतियां बहुत है क्योंकि इसमें मौसम और भौगोलिक चुनौतियां और सुरक्षा की चुनौतियां हैं।”
