दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते सोमवार (20 जुलाई) को कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मांग को लेकर संसद मार्च का ऐलान किया। हालांकि कुछ प्रदर्शनकारी संसद के करीब पहुंच भी गए थे, लेकिन जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दिल्ली पुलिस ने शाम करीब 4 बजे जब प्रदर्शन उग्र हुआ तो जंतर-मंतर से धरना खत्म कराना शुरू किया। अंत में पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनस्थल पर बैठे सभी प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। ताजा जानकारी के अनुसार सुबह 5.30 बजे भी सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 100 के आस पास है। एक बार फिर स्टेज तैयार कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि जंतर मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्टर्स अभी भी बैठे हुए हैं लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर धरनास्थल पर पैरामिलिट्री फोर्सेस और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेस सुबह से ही सुरक्षा के मद्देनजर वहां मौजूद हैं। धरनास्थल पर अभी भी स्टूडेंट्स का आना जारी है। सोमवार को हुए संसद मार्च में बने हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस की तरफ से सुरक्षा बढ़ाई गई है।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं। विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए सुबह एक बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक स्थानों, कर्मियों की तैनाती और किसी भी स्थिति से निपटने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों के मुताबिक हिंसा के बाद की स्थिति का आकलन करने और झड़पों की जांच की समीक्षा करने के लिए नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के कार्यालय में एक और उच्च स्तरीय बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने और हिंसा की जांच पर चर्चा करने के लिए बैठक में भाग लिया।
सोमवार को दोपहर 2 बजे जब कॉकरोच जानता पार्टी के प्रदर्शनकारी सड़कों पर उपद्रव कर रहे थे तब सीजेपी प्रवक्ता विजेता दाहिया सुभाष पैलेस मेट्रो स्टेशन पर बर्गर खा रहे थे। जिस पर दो लड़के आयुष और ऋतिक ने विजेता से सवाल किया कि ये प्रदर्शनकारियों को लाठी खाने के लिए छोड़ कर जंतर-मंतर क्यों नहीं गया।
अब इसी पर विजेता दहिया ने बयान जारी कर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि मुझे बहुत भूख लगी थी और कई रात से सोया नहीं था। जो लोग प्रदर्शन में थे उन्हें सब दिख रहा है। इसलिए प्रदर्शन के वक्त मौजूद नहीं था।
साथ ही जब दोनों बच्चे विजेता दहिया को लोगों को जंतर मंतर पर बुला कर खुद घर जाने के सवाल पर लताड़ रहे थे और सवाल पूछ रहे थे तो विजेता दहिया पहले काफी देर तक कुछ नहीं बोले और फिर दोनों बच्चो को मैनर्स सिखाने लगे।
