अमेरिका ईरान संघर्ष कई महीने बीत जाने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं सका है। इसी बीच ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्होंने नौसैनिक टकराव की क्षमता विकसित कर ली है। उनका दावा है कि अगर युद्ध फिर से शुरू होता है तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाज उनके निशाने पर होंगे।
हैदराबाद में ईरानी दूतावास की एक पोस्ट के मुताबिक ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा, “अगर युद्ध फिर से शुरू होता है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों पर वे जहां भी होंगे, हमला किया जाएगा। हमने ये क्षमताएं विकसित कर ली हैं।”
उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दी है। सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी ने कहा, “हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम भी विकसित किए हैं। एयर डिफेंस को बेहतर बनाया है और हमारे पास दूसरे उपाय भी हैं जिनका इस्तेमाल हम सही समय पर करेंगे।” उन्होंने कहा कि तेहरान पूरी तरह तैयार है।
यह बात तब सामने आई जब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में पुरानी अमेरिकी व्यवस्था ढह गई है और उन्होंने क्षेत्र के इस्लामी देशों से एक नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया। गालिबाफ ने कहा कि तेहरान के संदेश और शर्तें बिचौलियों के जरिए अमेरिका तक साफ तौर पर पहुंचा दी गई थीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं दी जाती और अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। इस बीच फॉक्स न्यूज़ ने बताया कि ईरान के मामले में ट्रंप फैसला लेने की स्थिति में हैं। खबरों के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि बहुत जल्द कुछ बड़ी घटनाएं होने वाली हैं।
