भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते इस समय काफी तनावपूर्ण चल रहे हैं। ऐसे माहौल में दोनों देशों के नेता एक ही मंच पर नजर आ सकते हैं। हालांकि यह किसी द्विपक्षीय बैठक या औपचारिक वार्ता के लिए नहीं होगा, बल्कि बांग्लादेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ऐसा संभव होगा।
बांग्लादेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है। यह कार्यक्रम मंगलवार शाम 4 बजे ढाका स्थित राष्ट्रीय संसदीय भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है।
शपथ ग्रहण समारोह में कई जानी मानी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के पहुंचने की संभावना है। इनमें भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा नेपाल की ओर से विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा, श्रीलंका की स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिस्सा और ब्रिटेन की इंडो पैसिफिक अंडर सेक्रेटरी सीमा मल्होत्रा के भी शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू के भी समारोह में भाग लेने की संभावना जताई जा रही है। डिप्लोमैटिक नियमों के अनुसार सभी देशों को निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि कुछ देशों की ओर से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ओम बिरला की मौजूदगी भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और मजबूत दोस्ती को दर्शाती है। यह दोनों देशों को जोड़ने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।
बयान में आगे कहा गया कि साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान से जुड़े पड़ोसी देशों के रूप में भारत, तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनी हुई सरकार के गठन का स्वागत करता है। उनके विजन और मूल्यों को जनता का व्यापक समर्थन मिला है।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जातीय संसद सचिवालय में पहले से चल रही हैं। परंपरा के अनुसार यह समारोह आम तौर पर जातीय संसद भवन के तय शपथ कक्ष में आयोजित होता है। गौरतलब है कि 13वें संसदीय चुनाव में 300 में से 299 सीटों के लिए 12 फरवरी को मतदान हुआ था।
