भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट के पीछे क्या है वजह?


भारतीय शेयर बाजार में होली वाले दिन रंग में भंग पड़ गया है। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर करीब 1:15 बजे सेंसेक्स 1272 अंक टूटकर 78,966.20 के लेवल पर कारोबार कर रहे थे।

वहीं निफ्टी 1.77 फीसदी फिसलकर 24,424.65 के स्तर पर ट्रेडिंग जारी रखे हुए थे। घरेलू बाजार में यह गिरावट पिछले दो कारोबारी दिनों से जारी है। भारी गिरावट की वजह से निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?

ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। जिसका साफ असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान की संयुक्त सैन्य कार्रवाई और ईरान के जवाबी हमलों ने निवेशकों का भरोसा तोड़ने का काम किया है।

इन सब के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया है। जिससे तेल आयात पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं। भारत समेत अन्य तेल आयात करने वाले देशों में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब साफ दिखने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि, अगर युद्ध लंबा चलता है तो कच्चे तेल की कीमत आसमान छू सकती है। बाजार में गिरावट के पीछे यह एक मुख्य वजह है।

एशियाई बाजारों में आज लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। जापान का टॉपिक्स सूचकांक 4 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार भी करीब 11 प्रतिशत तक गिर गया। जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई।

अमेरिका में भी कमजोरी का रुख बना रहा। डाउ जोन्स 403 अंक नीचे बंद हुआ। वहीं S&P 500 में 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और नैस्डैक भी 1 प्रतिशत फिसलकर बंद हुआ। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत की वजह से भारतीय बाजार भी टमाटर की तरह लाल हो गए।

शेयर बाजार की हलचल को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX आज लगभग 14 प्रतिशत की छलांग लगाकर 19.51 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल गहरा रहा है।

भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं। मौजूदा हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता तेज हो गई है।