भलस्वा के 7400 EWS फ्लैटों पर मंत्री का निरीक्षण नहीं, 14 वर्षों की विफलता का जवाब दें भाजपा और AAP: देवेंद्र यादव

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नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भलस्वा, जहांगीरपुरी पॉकेट-II में 7400 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के निरीक्षण पर शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की यात्रा को महज फोटोखिंचाई और दिखावा बताते हुए भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला है।

देवेंद्र यादव ने कहा कि 14 साल पहले शुरू हुई यह परियोजना आज भी अधर में लटकी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले झुग्गियां उजाड़ने के बाद अब भाजपा सरकार “सम्मानजनक आवास” का दिखावा कर रही है, जबकि वास्तविकता में हजारों गरीब परिवार अभी भी अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं।

कांग्रेस सरकार में शुरू, अब भी अधूरी

यादव ने याद दिलाया कि यह परियोजना कांग्रेस सरकार के दौरान राजीव रत्न आवास योजना के तहत शुरू की गई थी। उस समय क्षेत्र के विधायक रहे देवेंद्र यादव ने खुद इस परियोजना की निगरानी की और निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए थे।

उन्होंने कहा, “भाजपा और AAP ने वर्षों तक इस योजना के नाम पर श्रेय की राजनीति की, लेकिन सच्चाई यह है कि फ्लैट आज भी रहने योग्य नहीं बने हैं।”

फेज-1 और फेज-2 की स्थिति

  • फेज-1 (4000 फ्लैट): 2012 में एनसीसी लिमिटेड को काम सौंपा गया। 2015-16 तक संरचनात्मक काम पूरा हो चुका था और 3800 फ्लैटों का सत्यापन भी हो गया था। फिर भी सीवर लाइन, पार्कों का विकास, बाउंड्री वॉल की मरम्मत जैसे बुनियादी काम एक दशक से अधिक समय से लंबित हैं।
  • फेज-2 (3400 फ्लैट): सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड को सौंपा गया। कोविड के दौरान काम बंद हुआ, लेकिन उसके बाद भी ठेकेदार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। परियोजना स्थल पर सुरक्षा की कमी के कारण सामग्री की चोरी और नुकसान भी हुआ।

हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी

देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के बार-बार निर्देशों के बावजूद AAP और अब भाजपा सरकार दोनों इस परियोजना को पूरा कराने में पूरी तरह विफल रही हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया:

  • पिछले डेढ़ साल में परियोजना को पूरा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए?
  • दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
  • गरीब परिवारों को फ्लैटों का कब्जा कब दिया जाएगा?

मांगें

देवेंद्र यादव ने मांग की कि:

  • परियोजना को निश्चित समयसीमा में पूरा किया जाए।
  • लंबित सीवर, सड़क, पार्क और बाउंड्री वॉल का काम युद्धस्तर पर हो।
  • दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • पात्र झुग्गीवासियों को बिना और देरी के फ्लैट आवंटित किए जाएं।

देवेंद्र यादव ने कहा, “‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ गरीबों के पुनर्वास का संकल्प है, न कि राजनीतिक प्रचार का माध्यम। भाजपा पहले झुग्गियां उजाड़ती है और फिर पुनर्वास का श्रेय लेने की कोशिश करती है। दोनों पार्टियों ने गरीबों के साथ अन्याय किया है। अब घोषणाओं की बजाय उन्हें घर सौंपने का समय आ गया है।”

यह बयान दिल्ली के झुग्गीवासी पुनर्वास मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।