रात भर संसद में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद

दिल्ली में सोमवार (20 जुलाई) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। पत्थरबाजी और हिंसा की खबरों के बीच पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाईं जिससे कई लोगों के सिर फूटे और गहरी चोटें आई हैं। वहीं, कई जवान भी घायल हुए हैं। इस लाठीचार्ज पर आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने नाराजगी जताई और इसका विरोध करते हुए देर रात धरने पर बैठ गए। धरने के लिए उन्होंने संसद परिसर का वह स्थान चुना जहां संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगी है।

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।” उन्होंने आगे लिखा, “आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।”

चंद्रशेखर आजाद ने लिखा, “लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।”

आजाद समाज पार्टी चीफ ने लिखा कि इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ वह संसद भवन परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहे हैं। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

First Published on: July 21, 2026 9:53 AM
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