महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मामा-भांजा दरगाह इन विवादों में है। अब इस विवादित दरगाह पर वन विभाग का बुलडोजर एक्शन हुआ है। बता दें कि दरगाह ट्रस्ट ने राहत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। ठाणे के वागले स्टेट की पहाड़ी पर बनी दरगाह को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 24 घंटों का अल्टीमेटम देकर बुलडोजर कार्रवाई हुई है। मुस्लिम समाज ने दरगाह को लीगल बताया है। दावा है कि यह दरगाह वन विभाग की जमीन पर बनी हुई है। इसका ट्रस्ट 60 साल पुराना बताया जा रहा है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने ठाणे के संजय गांधी नेशनल पार्क में ‘मामा-भांजा’ पहाड़ी पर बनी दरगाह के कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई की।
मामले को लेकर जैसे ही हाई कोर्ट ने ‘हजरत पीर मामा-भांजा दरगाह ट्रस्ट’ की याचिरा खारिज की, वैसे ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और पुलिस ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दे दिया।की। प्रशासन द्वारा रिजर्व्ड फॉरेस्ट लैंड पर 561।6 स्क्वायर मीटर एरिया में बिना इजाजत के कंस्ट्रक्शन को हटा दिया गया।
लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए रायट कंट्रोल फोर्स (RCF) समेत एक बड़ी पुलिस टीम तैनात की गई है और सिचुएशन पूरी तरह कंट्रोल में है। मामले को लेकर लोगों ने बताया कि वन विभाग की टीम से लोगों की बहस भी हुई है। बता दें कि यह मामला पिछले 3 दिन से चर्चाओं में है।
स्थानीय नागरिक के मुताबिक इस दरगाह का हाल ही में 376वां उर्स मनाया गया था। यह दरगाह इंदिरा नगर वागले स्टेट में मौजूद है। यहीं से पहाड़ी के ऊपर जाने के लिए दरगाह का गेट खुलता है। उन्होंने कहा कि यह दरगाह तब से है जबसे यहां जंगल नहीं था।
