आंदोलनकारी किसान संगठनों को सरकार ने मसौदा प्रस्ताव भेजा

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘‘किसान संगठनों को सरकार से मसौदा प्रस्ताव मिला है।’’ वह उन कई किसान नेताओं में शामिल हैं जो सरकार के साथ जारी वार्ता में शामिल हैं।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न बॉर्डर बिंदुओं पर नये कृषि कानूनों को वापस लेने को लेकर हजारों किसानों के विरोध के बीच उनके संगठनों के एक प्रतिनिधि समूह को सरकार की ओर से बुधवार को एक मसौदा प्रस्ताव मिला जो प्रदर्शनकारियों की कुछ मुख्य चिंताओं से जुड़ा हुआ है।

मसौदा प्रस्ताव 13 कृषक संगठन नेताओं को भेजा गया है जिनमें बीकेयू (एकता उगराहन) के जोगिंदर सिंह उगराहन भी शामिल हैं। यह संगठन करीब 40 आंदोलनकारी संगठनों में से सबसे बड़े संगठनों में शामिल है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘‘किसान संगठनों को सरकार से मसौदा प्रस्ताव मिला है।’’ वह उन कई किसान नेताओं में शामिल हैं जो सरकार के साथ जारी वार्ता में शामिल हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार की रात 13 संगठन नेताओं से मुलाकात के बाद कहा था कि सरकार किसानों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक मसौदा प्रस्ताव भेजेगी, जबकि किसान नेताओं के साथ बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला जो इन कानूनों को वापस लेने पर जोर दे रहे हैं।

सरकार और कृषि संगठन के नेताओं के बीच छठे दौर की वार्ता बुधवार की सुबह भी प्रस्तावित थी, जिसे रद्द कर दिया गया।

मसौदा प्रस्ताव कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने भेजा है।

First Published on: December 9, 2020 7:40 PM
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