यह समय है जब गैर कृषि वर्ग को किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए : पी साईनाथ

किसान आंदोलन के समर्थन में अलग- अलग नागरिक समूहों द्वारा आयोजित डिजिटल प्रेस सम्मेलन में साईनाथ ने कहा कि ट्रेड यूनियनों और मजदूर अपनी व्यापक हड़ताल के दौरान पहले ही रास्ता दिखा चुके हैं। लाखों मजदूरों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है।

नई दिल्ली। कृषि विशेषज्ञ-पत्रकार पी साईनाथ ने कहा कि यह समय है जब समाज के गैर कृषि वर्ग को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान इन कानूनों को पारित करने का केंद्र सरकार का आकलन सही साबित नहीं हुआ।

किसान आंदोलन के समर्थन में अलग- अलग नागरिक समूहों द्वारा आयोजित डिजिटल प्रेस सम्मेलन में साईनाथ ने कहा कि ट्रेड यूनियनों और मजदूर अपनी व्यापक हड़ताल के दौरान पहले ही रास्ता दिखा चुके हैं। लाखों मजदूरों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार समझ रही थी कि इस समय वे ये कानून लाती है तो मजदूर और किसान संगठित नहीं हो पाएंगे और न विरोध कर पाएंगे। उसका यह आकलन गलत साबित हुआ।

विभिन्न समूहों ने शांतिपूर्ण संघर्ष के “क्रूर दमन” की निंदा की और किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मुकदमों को वापस लेने की मांग की।

First Published on: December 3, 2020 9:20 AM
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