हमला करने का नहीं मिला सबूत, अदालत ने आरोपी अफजल को दी जमानत

अदालत ने कहा, ‘‘प्राथमिकी की प्रति में कहा गया है कि आरोपी अफजल वह व्यक्ति नहीं है जिसने लोहे की छड़ से हमला किया था। मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी तथा सह-आरोपी पिछले एक महीने से हिरासत में हैं।’’

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति पर लोहे की छड़ से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए शख्स को जमानत देते हुए कहा कि प्राथमिकी से पता चलता है कि उसने हमला नहीं किया था।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विवेक कुमार अग्रवाल ने 20,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के दो मुचलके पर अफजल को राहत प्रदान की। अदालत ने कहा कि अफजल के संबंध में जांच पूरी हो चुकी है और वह एक महीने से ज्यादा समय से जेल में है।

अदालत ने कहा, ‘‘प्राथमिकी की प्रति में कहा गया है कि आरोपी (अफजल) वह व्यक्ति नहीं है जिसने लोहे की छड़ से हमला किया था। मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी तथा सह-आरोपी पिछले एक महीने से हिरासत में हैं।’’

अदालत ने 26 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘आरोपी को जेल में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा क्योंकि मामले की सुनवाई में अच्छा खासा वक्त लगेगा।’’

अदालत ने अफजल को किसी भी प्रकार से पीड़ित से संपर्क नहीं करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने को कहा ।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई के दौरान अफजल की ओर से पेश वकील अमजद मलक ने कहा कि प्राथमिकी के मुताबिक सह आरोपी शेर खान ने ब्रजेश पर हमला किया था।

राज्य की ओर से पेश लोक अभियोजक ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अफजल के खिलाफ गंभीर किस्म के आरोप हैं ।

First Published on: October 28, 2020 6:11 PM
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