स्वच्छ भारत मिशन: दूसरे चरण तहत 50 लाख घरों को मिलेगी शौचालय की सुविधा

स्वच्छ भारत मिशनके दूसरे चरण के तहत इस वित्तवर्ष निजी घरों में 50 लाख शौचालय, एक लाख सामुदायिक शौचालय बनाए जांएगे।

नई दिल्ली। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत इस वित्तवर्ष निजी घरों में 50 लाख शौचालय, एक लाख सामुदायिक शौचालय बनाए जांएगे। 2,400 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी।

इसी के साथ ही 1.82 लाख गांवों में अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को दी।

शेखावत ने कहा कि इसमें गोवर्धन योजना को भी शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य 386 जिलों में गोबर और अन्य जैविक कचरे का प्रभावी प्रबंधन करना और करीब 250 जिलो में मल के प्रबंधन की व्यवस्था करना है। उनके और उनके मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस नियमावली जारी की।

शेखावत ने कहा कि वर्ष 2021-22 में मंजूर वार्षिक क्रियान्वयन योजना के मुताबिक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत करीब 40,700 करोड़ के निवेश से करीब दो लाख गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि परियोजना को लागू करने में केंद्र का हिस्सा करीब 14 हजार करोड़ रुपये होगा जबकि राज्य की हिस्सेदारी 8,300 करोड़ रुपये की होगी। 12,730 करोड़ की व्यवस्था 15वें वित्त आयोग के जरिये की जाएगी जबकि 4,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था मनरेगा से होगी।

मंत्री ने बताया, ‘‘इस वित्तीय वर्ष क्रियान्वयित होने वाली योजना के तहत 50 लाख निजी घरों में शौचालय का निर्माण होगा, एक लाख सामुदायिक शैचालय बनाए जाएंगे, भारत के 2400 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी, 1.82 लाख गांवों में घर से निकलने वाले दूषित पानी के प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। 386 जिलो में गोवर्धन योजना और करीब 250 जिलो में मल प्रबंधन व्यवस्था की जाएगी।’’

शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू स्वच्छता के लिए जन आंदोलन चला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल गई है और मिशन के तहत ग्रामीण भारत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है।

First Published on: July 29, 2021 12:33 PM
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