फासीवाद केवल एक राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि सत्ता का वह रूप है जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं को खोखला करके राज्य को एक नेता, एक विचार और एक सत्ता केंद्र की ओर मोड़ दिया जाता…
न्यूयॉर्क बंदरगाह के सामने खड़ी स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी ट्रंपियन अमेरिका की हार की घोषणा कर रही है। न्यूयॉर्क मेयर के चुनाव में जोहरान ममदानी की जीत मोदीयन इंडिया की हार की भी घोषणा…
इस साल आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं। हर तरफ़ संघ के बड़े-बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं। बड़े स्तर पर “पथ संचलन” से लेकर कई गतिविधियों को अंजाम…
भाजपा की वाशिंग मशीन में धुल चुके असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अब एक आक्रामक दक्षिणपंथी हैं। वे समय समय पर मुस्लिम समुदाय को अपमानित करने वाले वक्तव्य देते रहते हैं। यह…
ताजमहल को दुनिया के सात अजूबों में गिना जाता है। वह दुनिया में भारत की प्रमुख पहचानों में से एक है। ताजमहल संगमरमर पर उकेरी गई कविता है। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे…
जो तुगलकी फरमान था, वह अब शातिर तिकड़म में बदल चुका है। यानी राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) का आदेश बिना सोचे-समझे लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाला एक…
दुनिया भर में एक उथल-पुथल मची हुई है। एक ओर फ़िलिस्तीन की आज़ादी का सवाल तमाम देशों में हज़ारों की संख्या में मज़दूरों, छात्रों-युवाओं और नागरिकों को सड़कों पर उतार रहा है, न…
भारत सरकार ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के नेतृत्व में भारत आए प्रतिनिधिमंडल के लिए पलक पावंडे बिछा दिए। जनरल प्रकाश कटोच ने सवाल किया “क्या भारत को तालिबान को…
राकेश किशोर नाम के एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश गवई पर अपना जूता फेंका (अक्टूबर 2025)। इसकी पृष्ठभूमि यह है कि एक जनहित याचिका, जिसमें खजुराहो के एक मंदिर में स्थापित…
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण या एसआईआर का बुनियादी झूठ पकड़ा गया है। इस झूठ का पर्दाफ़ाश उस दस्तावेज से हुआ जिसे चुनाव आयोग पिछले तीन महीनों से छुपा रहा था। यह…
कहा जाता है क्रांति अपने बच्चों को खा जाती है। फ्रांस की क्रांति को लेकर कही गई यह बात अमेरिकी क्रांति, रूसी क्रांति, चीनी क्रांति सहित विश्व की कई अन्य छोटी-बड़ी क्रांतियों के बारे में भी कही जाती रही है। विद्वानों ने क्रांति के इस…
आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो स्वयं आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं, ने संघ की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा कि आरएसएस…
कभी-कभी जैसे ही मैं किसी सभा में पहुंचता था, मेरे स्वागत में अनेक कंठों का स्वर गूंज उठता था – “भारत माता की जय”। मैं उनसे अचानक प्रश्न कर देता कि इस पुकार…
हिमालय हमारे पास आया है, सोनम वांग्चुक के भेस में। उम्र है सिर्फ़ 5 करोड़ साल। हमारे लिए बुजुर्ग है, पहाड़ के लिहाज से युवा ही कहलायेगा। वो नन्हा सा बूढ़ा हमसे सवाल…
साम्प्रदायिक हिंसा भारतीय राजनीति का अभिशाप है। यह सौ वर्ष से अधिक पुरानी है। इसके अधिकांश अध्येताओं का मत है कि यह सामान्यतः योजना बनाकर की जाती है। इस हिंसा के बाद साम्प्रदायिक…
भारतीय समाज में अनेक असमानताएं व्याप्त हैं। कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारतीय संविधान का ही अंत कर देना चाहती हैं। वह इसलिए क्योंकि संविधान समानता की स्थापना के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण…
अधिकांश देशवासियों की तरह मैं भी क्रिकेट का शौकीन हूँ। तमाम दौड़-भाग और खींच-तान के बीच वक्त मिले तो देख भी लेता हूँ, चाहे कुछ ओवर ही सही। और कुछ नहीं तो फ़ोन…
किसी भी देश का ध्वज ऐतिहासिक रूप से निर्धारित होता है। जनता अपने संघर्षों के दौरान अपने ध्वज का चयन और विकास करती है। ध्वज एक प्रतीक के रूप में इसके बलिदानों, संघर्षों…
चारों तरफ़ इतना अँधेरा है कि हम रौशनी के हर कतरे की तरफ़ दौड़ने लगते हैं। चाहे वो टिमटिमाता दिया हो, या जुगनू की रौशनी का भ्रम या फिर आग लगाने वाली चिंगारी-हम…
मोहन भागवत पिछले कुछ महीनों से सुर्खियों में हैं। पहले उन्होंने घुमा-फिरा कर कहा कि नेताओं को 75 साल की उम्र में सार्वजनिक जीवन छोड़ देना चाहिए। यह माना गया कि उनका इशारा…
साम्प्रदायिक हिंसा भारतीय राजनीति का एक दुःखद पहलू है। सांप्रदायिक हिंसा, साम्प्रदायिक राजनीति का आधार है। सांप्रदायिक राजनीति का लक्ष्य है समाज को धर्म के आधार पर बांटना। इस नफरत की नींव अंग्रेजों…
नेपाली युवकों और छात्रों के आंदोलन ने एक शानदार पहल का भ्रम पैदा किया, पर चंद घंटों के अंदर ही उसका अराजक, बर्बर और दिशाहीन स्वरूप नजर आने लगा। अतीत में पिछले 150…
आचार्य विनोबा भावे का जीवन सत्य, प्रेम एवं करुणा से सिंचित, पल्लवित एवं पुष्पित एक बेमिसाल नजीर था। विनोबा जी बंगाल की क्रांति एवं हिमालय की शांति की खोज में 1916 में वाराणसी…
सांप मरा तो नहीं लेकिन उसका डंक निकल गया। सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर के फैसले से वोटबंदी का अभियान अभी रुका तो नहीं, लेकिन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने लाखों-करोड़ों नागरिकों…
2 अक्टूबर 2025 को आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। आरएसएस हिन्दुत्ववादी राजनीति करता रहा है और उसका लक्ष्य है हिन्दू राष्ट्र की स्थापना। जो शपथ उसके स्वयंसेवक लेते…