भारत फिलहाल तटस्थ दिखने की कोशिश में है। जबकि हमें यह समझना होगा कि म्यांमार में लोकतंत्र समर्थकों पर हो रही सैन्य कार्रवाई का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। म्यांमार में…
सोशल मीडिया पर गंभीर नाराजगी के बीच, कई उपयोगकर्ता व्हाट्सएप को छोड़ने का फैसला कर टेलीग्राम, सिग्नल और बीआईपी सहित अन्य वैकल्पिक मैसेजिंग एप्प का उपयोग करने लगे हैं।
इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि बांग्लादेश की आजादी का श्रेय जनसंघ के तत्कालीन नेताओं ने कांग्रेस की सरकार को दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी…
होली का महत्व कृष्ण के समय से ही चला आ रहा है। पहले फूलों की होली होती थी फिर गुलाल की होली और अब हानिकारक रंगों की होली। बदलाव विकास की प्रक्रिया है…
एक संदिग्ध पाकिस्तान समर्थित हैकर समूह" ट्रांसपेरेंट ट्राइब” साइबर हमले के अभियान के पीछे माना जाता है, जिसे 'ऑपरेशन साइडकॉपी' करार दिया गया है। अभियान फ़िशिंग ईमेल भेजकर और रिमोट एक्सेस मैलवेयर का…
विभाजन कांग्रेस का चरित्र रहा है। बस एक बार इतिहास के दोहराव को गांधी जी ने रोका था। ऐसा वे इसलिए कर पाए क्योंकि उनके अंदर रेत से कांग्रेस खड़ा करने का माद्दा…
नरेंद्र मोदी की विदेश नीति फंसती नजर आ रही है। चीन का दबाव भारत पर बरकरार है। क्वाड भारत की मजबूरी है। लेकिन एक बड़ा खेल डिफेंस सेक्टर का भी है। भारत एस-400…
लेवी स्ट्रास ने जिस कपड़े का आविष्कार करके उसका पेटेण्ट लिया था उसका सूत यूरोप में नहीं बल्कि भारत में बनता था। उसे डूंगरी डेनिम कहा जाता था। ये डूंगरी डेनिम मुंबई के…
एक पॉप सिंगर और एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जलवायु कार्यकर्ता के किसान आंदोलन को शाब्दिक समर्थन भर से इतने बड़े और मज़बूत राष्ट्र की प्रजातांत्रिक बुनियादें हिल गईं! यह प्रक्रिया अभी जारी है…
भारत में सीरम इंस्टीटयूट दवारा बनाया गया एस्ट्रोजेनेका की जिस कोविशील्ड वैक्सीन का इस्तेमाल भारत में किया जा रहा है, उस वैक्सीन को यूरोप के कई देशों ने प्रतिबंधित कर दिया है। यूरोप…
वसीम रिजवी आज जिस बात को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं एक तरह से वह 21वीं सदी में इस्लाम को बचाने का भी प्रयास है। 21वीं सदी में जहां सूचना जन-जन को…
पाकिस्तान सोशल मीडिया की मदद से यह विचार भी स्थापित करने में लगा है कि कश्मीरी “आज़ादी”चाहते हैं। कश्मीरी भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ रहे हैं और भारतीय सेना कश्मीरियों के मानवाधिकारों का…
अडानी अम्बानी गैंग के लिए 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतना करो या मरो जैसा प्रश्न है। वह बंगाल को भी देश की 'मुख्य धारा' में शामिल करने के लिए हर कीमत…
चीन के स्वामित्व वाली फैक्ट्रियों पर हुए हमले से नाराज म्यांमार की सेना ने लोकतंत्र समर्थकों का दमन शुरू कर दिया है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शकारियों पर गोलियां चलायी गई है, जिसमें कम से…
देश की राजनीतिक चादर को यदि निर्मल बनाना है, तो इसके बीज बोने के लिए सबसे ऊर्वर खेत पंचायतें ही हो सकती हैं। पंचायती चुनाव उन सभी के लिए भी एक अवसर है,…
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पश्चिम बंगाल में भाजपा की कोई मदद नहीं कर पा रहे है। आखिर क्या मजबूरी है कि भाजपा बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जगह रवींद्र नाथ टैगोर का नाम…
कुछ लोगों का मानना था कि उसकी शक्ति बाहर से मिलने वाले समर्थन में निहित है। खाड़ी देशों से आने वाला भारी-भरकम चंदा और पाकिस्तान से मिलने वाले हथियार तालिबान को कमजोर नहीं…
जो स्त्री माँ बन सकती थी, परिवार को एक सूत्र में बांध सकती थी, वह तो विकसित हुई ही नहीं, उसकी जगह नारी में पुरुष के गुणों की वृद्धि हुई है, क्यों कि…
इमरान खान उस मुल्क के प्रधानमंत्री है, जहां प्रधानमंत्री सेना का मुखौटा होता है। बेशक जनता ने उनसे चुनकर भेजा है। खान को विरासत में वो पाकिस्तान मिला है, जो आतंकवाद के कारण…
भूपेंद्र हुड्डा के ग्रुप-23 में शामिल होने का एक बड़ा कारण नरेंद्र मोदी की ईडी और सीबीआई भी है। हुड्डा के खिलाफ ईडी औऱ सीबीआई इस समय काफी सक्रिय है। उनके खिलाफ ईडी…
सोशल मीडिया पर नये नियम मध्यवर्ती प्लेटफॉर्मों पर नकेल कसने से अधिक अपनी जनता को भयभीत करने, सामाजिक-सांस्कृतिक और राजीनितिक स्तर पर मूलगामी सवाल उठाने वालों को क़ाबू में रखने के लिए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद, भाजपा का आत्मविश्वास और बढ़ा है। हालांकि अहम सवाल यही भी है कि टीएमसी छोड़कर भाजपा में जाने वाले नेता क्या…
ऐसे में यह सवाल उठता है कि किसान, राजनाथ सिंह को संकटमोचक के रूप में क्यों देखते हैं? इस बात को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। अगर उससे परहेज हो तो 30…
भारत सरकार को यह पता होना चाहिए कि अमेरिका में रिफार्म के बाद भी खेती का संकट बढ़ा है। वहां रिफार्म, उदारीकरण, कारपोरेटीकरण के बावजूद एक किसान को औसत सलाना सब्सिडी 60 हजार…
क्या नागरिक स्तर पर ऐसी किसी आपसी बातचीत या अफ़वाह से इनकार किया जा सकता है कि अलग-अलग कारणों के चलते व्यवस्था या सरकार के प्रति नाराज़गी रखने वाले वर्गों और समुदायों का…