मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा चुनाव की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि हमें कांग्रेस के लोगों ने ही मीनाक्षी नटराजन के बारे में जानकारी दी थी।
बीजेपी के नेता राकेश सिंह ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। मीनाक्षी नटराजन ने जानकारी पूरी नहीं दी थी। फॉर्म में गंभीर त्रूटियां थीं। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को ये बड़ा सियासी झटका लगा है। मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होने हैं। मैदान में कुल चार उम्मीदवार थे। नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मैदान में बीजेपी के तीन उम्मीदवार बचे हैं।
मध्य प्रदेश राज्यसभा निर्वाचन में उम्मीदवार अभ्यर्थी के रूप में मीनाक्षी नटराजन द्वारा दायर नामांकन पत्र में फॉर्म 26 में शपथ पत्र में उन्होंने उक्त न्यायालय परिवार का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है, यह सिद्ध पाया गया है।
मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध दायर इस परिवार का माननीय न्यायालय ने संज्ञान में लिया है। सुश्री मीनाक्षी नटराजन को हाजिर होने के लिए समन भी जारी किया गया है, अतः प्रकरण न्यायालय में प्रवलित है यह सिद्ध पाया गया।
मीनाक्षी नटराजन द्वारा उक्त प्रकरण में माननीय न्यायालय के समक्ष अपना जवाब दावा भी दाखिल किया है, अतः उन्हें इस प्रकरण की पूर्ण जानकारी होना सिद्ध पाया गया है। अतः भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार अधूरा अपूर्ण एफिडेविट फॉर्म 26 रखा जाना तथा अभ्यर्थी द्वारा तथ्यों का छुपाया जाना मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध सिद्ध पाया गया।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, “अब वोट चोरी से नेक्स्ट लेवल पे सीट चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। मीनाक्षी जी का राज्य सभा का नामांकन निरस्त नहीं हुआ है। प्रजातंत्र की हत्या हुई है।”
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या का एक और काला अध्याय! भाजपा ने अपनी सत्ता, दबाव और तंत्र का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन निरस्त करवा दिया। जिस गांधीवादी विचारधारा, ईमानदारी और जनसेवा की आवाज़ को जनता राज्यसभा में भेजना चाहती थी, उसे भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटकर रोकने का प्रयास किया है।”
इसके आगे उन्होंने कहा, “जब चुनाव मैदान में मुकाबला करने का साहस नहीं बचता, तब भाजपा हथकंडों का दुरुपयोग करती है। आज यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही में विश्वास करती है। हम इस अलोकतांत्रिक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। सत्य को दबाया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।”
