राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राज ठाकरे का बड़ा बयान

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महाराष्ट्र Updated On :

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने ‘मिसिंग लिंक’ के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस सरकार को घेरा। साथ ही राम मंदिर में चंदा चोरी का जिक्र करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर भी निशाना साधा। इसके अलावा उन्होंने रेलवे की नौकरियों में मराठी युवाओं की भागीदारी का भी जिक्र किया।

राज ठाकरे ने कहा, ”कल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि मिसिंग लिंक के मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि अगर उनके कामकाज पर सवाल उठाए जाएं, तो उसे राजनीति क्यों कहा जाता है? इतने वर्षों तक जब विपक्ष सत्ता में था, तब आप क्या कर रहे थे? अगर विपक्ष सवाल पूछे, तो क्या वह राजनीति हो जाती है?

उन्होंने कहा, ”अगर हम आपके काम का विरोध करें, तो मुख्यमंत्री यह आरोप क्यों लगाते हैं कि हम राजनीति कर रहे हैं? मिसिंग लिंक के मुद्दे पर बोलने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो गया? हमारी सरकार को हिंदी की बड़ी चिंता है। मुख्यमंत्री का हिंदी में दिया गया भाषण महाराष्ट्र के विधायकों के लिए था या दिल्ली में बैठे शीर्ष नेताओं के लिए, यह देखना पड़ेगा। उन्होंने ‘देख लूंगा’ किसके लिए कहा?

राज ठाकरे ने ये भी कहा कि मुझे कुछ भी कहिए, लेकिन मैं महाराष्ट्र का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा। आज लोग मिसिंग लिंक पर बात कर रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र के मुद्दों पर कोई बात नहीं कर रहा। एक मंत्री कहते हैं कि मिसिंग लिंक की घटना प्राकृतिक है, इस पर राजनीति मत कीजिए। याद रखिए, कल आपकी सरकार नहीं रहेगी और ऐसी ही कोई घटना होगी, तो तब भी यही कहना कि यह प्राकृतिक घटना है और इस पर राजनीति मत कीजिए।”

MNS प्रमुख ने आगे कहा, ”साल 2008 में रेलवे भर्ती के मुद्दे पर आंदोलन हुआ था। उसी आंदोलन से पार्टी आगे बढ़ी और पार्टी को चुनाव चिन्ह के रूप में रेल इंजन मिला। मुझे तो सिर्फ ट्रेन में सफर करना आता है, बाकी तकनीकी बातें आप लोग जानते हैं, लेकिन वह आंदोलन कभी मत भूलिए। महाराष्ट्र की रेलवे में मराठी युवाओं की भागीदारी बढ़े, इसी उद्देश्य से वह आंदोलन किया गया था। रेलवे में काम करते समय कभी लापरवाही मत बरतिए। आंदोलन के दौरान मुझ पर 110 केस दर्ज हुए, मुझे गिरफ्तार किया गया और कई मनसे कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया।”

उन्होंने सवाल किया, ”अगर महाराष्ट्र में रेलवे में भर्ती हो रही है, तो उसकी जानकारी महाराष्ट्र के अखबारों में क्यों नहीं आती? वह उत्तर प्रदेश और बिहार के अखबारों में क्यों प्रकाशित होती है? रेलवे प्लेटफॉर्म भरे पड़े हैं। वहां रहने वाले लोग कौन हैं? जब हमारे मनसे कार्यकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने गाली-गलौज की, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। उस समय रेलवे मंत्री लालू यादव थे।”

राज ठाकरे ने आगे कहा, ”बाद में फैसला आया कि रेलवे भर्ती परीक्षा स्थानीय मातृभाषा में भी दी जा सकती है। इसके बाद हजारों मराठी युवाओं को नौकरी मिली। आज उस बात को 19 साल हो गए हैं, लेकिन इसे कभी नहीं भूलना चाहिए। आज जब फोन उठाते हैं तो मराठी सुनाई देती है, यह मनसे के संघर्ष का परिणाम है। कोई भी भाषा खराब नहीं होती, लेकिन उसे हम पर थोपा नहीं जाना चाहिए। रेलवे स्टेशन और रेलवे भर्ती पर लगातार नजर रखनी चाहिए। प्लेटफॉर्म पर स्टॉल किसे दिए जा रहे हैं, कौन नौकरी कर रहा है? इस पर भी ध्यान देना चाहिए।”

MNS प्रमुख ने राम मंदिर में दान चोरी के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”राम मंदिर के मुद्दे पर कहा जाता है कि धर्म का अपमान हुआ। अगर 14 करोड़ रुपये की चोरी होती है, श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से दिया गया धन चोरी हो जाता है, तो उस पर बात नहीं करनी चाहिए क्या? क्या यह देश धर्म विरोधी है? बीजेपी के एक सांसद ने कहा कि राम मंदिर में चोरी हुई, लेकिन बाकी किसी ने कुछ नहीं कहा। 15 ट्रस्टियों में से 12 की नियुक्ति केंद्र सरकार करती है और वे 12 लोग आरएसएस और बीजेपी से जुड़े हैं।”

राज ठाकरे ने आगे कहा, ”1400 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आया है, लेकिन वास्तव में कितनी चोरी हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। अगर किसी दूसरे दल की सरकार होती और यह चोरी होती, तो बीजेपी और आरएसएस क्या करते? आंदोलन करते, मोर्चे निकालते, लेकिन अब आपकी सरकार है, इसलिए कहा जाता है कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ”साल 2005 में दो-तीन घंटे में लगभग 1000 मिमी बारिश हुई थी, तब भी मुंबई की यही हालत हुई थी। आज 300–400 मिमी बारिश में भी मुंबई की स्थिति वैसी ही बनी हुई है। क्या आपको मुंबई पर भरोसा नहीं रहा? अब वह भरोसा कहां गया? जब सब ठीक था, तब उसका आनंद लिया, लेकिन जैसे ही परेशानी आई, तो कहा जाने लगा कि दिक्कत हो रही है। विधानसभा में कहा जाता है कि इस मुद्दे पर राजनीति करोगे तो हम देख लेंगे। आप मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र की विधानसभा में हिंदी बोलने की क्या जरूरत है? शायद उन्हें अपने पार्टी के ऊपर के नेताओं को संदेश देना होगा।”

ठाकरे ने कहा कि जो घमासान चल रहा है, उसे बस देखते रहिए। शहरों की दुर्दशा हो चुकी है और इसे ही विकास कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री से मेरी विनती है कि कुछ समय के लिए सभी निर्माण कार्य बंद कर दीजिए। ये लोग विदेश जाते हैं, लेकिन वहां क्या सीखकर आते हैं, पता नहीं। एक बार वहां के शहरों को देखिए। शहर की योजना और विकास कैसे किया जाता है, यह उनसे सीखिए।

राज ठाकरे ने कहा, ”सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने के फायदे बता रहे हैं, जबकि इस विषय पर पेट्रोलियम मंत्री को बोलना चाहिए। लेकिन वे इस पर कुछ नहीं कहते। किसका काम कौन कर रहा है, यह समझ में नहीं आता। जिसकी सरकार होगी, उससे सवाल पूछे जाएंगे। आज बीजेपी की सरकार है, इसलिए अगर गलती होगी तो हम जरूर बोलेंगे।

उन्होंने बीजेपी नेता अमित साटम पर भी टिप्पणी की, ”कोई विधायक घटना होने पर हंसता है। यह संवेदनहीनता है, क्योंकि लोगों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही। उन्हें जनता की चिंता नहीं है। चर्चा इस बात की हो रही है कि विधायक, सांसद और नगरसेवकों को कैसे तोड़ा जाए और सत्ता कैसे बचाई जाए। जब मतदान का समय आता है, तब पहले हुई घटनाओं और कामकाज का भी हिसाब करना चाहिए।

उन्होंने ये भी कहा कि अगर कल राज ठाकरे गलत होंगे, तो उनके खिलाफ भी बोलना चाहिए। दूसरे दल गलत होंगे, तो उनके खिलाफ भी बोलना चाहिए। एक सांसद कहता है कि वह बम फेंक देगा, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती क्योंकि वह सत्ता पक्ष से है।



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