उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले 6 में से दो सांसद आएंगे वापस ?

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महाराष्ट्र Updated On :

महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी उठापटक के बीच उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों ने अलग पार्टी बनाने और फिर एकनाथ शिंदे को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी सौंपा गया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को अब भी उम्मीद है कि ये बागी सांसद शिंदे गुट के साथ नहीं हैं।

दरअसल, यूबीटी से लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने व्हिप जारी कर अपनी पार्टी के संसदीय दल की बैठक बुलाई है, जिसमें वह सभी 9 सांसदों को बैठक में शामिल होते देखना चाहते हैं। शिवसेना के ऑपरेशन टाइगर पर सावंत ने कहा कि उन्हें अपने सांसदों पर पूरा भरोसा है।

एबीपी माझा की रिपोर्ट के मुताबिक, अरविंद सावंत ने बड़ा दावा करते हुए यह भी कहा है कि बगावत करने वाले 6 सांसदों में से दो के वादे एकनाथ शिंदे ने पूरे नहीं किए हैं। इसलिए उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि ये दो सांसद भी संसदीय दल की बैठक में जरूर शामिल होंगे। हालांकि, शिवसेना यूबीटी को इस बात की जानकारी नहीं है कि सभी लोकसभा सांसद उनके साथ हैं भी या नहीं।

यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि अभी तक इस बात की आधिकारिक जानकारी नहीं है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 6 सांसदों के हस्ताक्षर को आधिकारिक बनाया है या फिर ओम बिरला को हस्ताक्षर वाला पत्र दिया गया है।

फिलहाल, उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों और नेताओं को निर्देश दिया है कि बागी सांसदों के खिलाफ कोई टिप्पणी न करें। इस बीच ध्यान देने वाली बात यह है कि आज (गुरुवार, 18 जून) को शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल की बैठक है। सुबह 11।00 बजे प्रस्तावित इस बैठक के जरिए सांसदों की वफादारी साबित होगी।

सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे गुट को पूरा भरोसा है कि उनके 6 सांसद एकनाथ शिंदे के साथ नहीं हैं। फिलहाल, सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया गया है। यह देखने वाली बात होगी कि बैठक में कितने सांसद आते हैं और शामिल होने वाले सांसद कौन होंगे? इसके बाद ही पार्टी की भूमिका तय हो सकेगी।

यूबीटी का दावा है कि दो सांसदों ने हस्ताक्षर इसलिए नहीं किए हैं क्योंकि उनके वादे पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में शिवसेना का ऑपरेशन टाइगर पूरा हुआ या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। अभी तक दोनों ही दलों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सबसे पहले 10 जूनको अमित शाह और एकनाथ शिंदे के बीच ऑपरेशन टाइगर की चर्चा हुई। 10 जून को ही अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुलाकात की और ऑपरेशन को हरी झंडी दिखाई। 10 जून को उद्धव ठाकरे के सांसद दिल्ली आए और फाइव स्टार होटल में एकनाथ शिंदे से मिले।

14 जून को उद्धव ठाकरे ने अपने आवास पर संसदीय दल की बैठक बुलाई। बैठक में अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए। इसके अलावा, नागेश अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े। हालांकि, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव बैठक से अनुपस्थित रहे।

15 जून को संजय देशमुख दिल्ली आए और प्रतापराव जाधव से मिले। 16 जून को खबर आई कि उद्धव ठाकरे के 6 सांसद रात में दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। वहीं, एकनाथ शिंदे भी मुंबई से दिल्ली आए।

17 जून को संजय राउत, अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ने प्रेस कांफ्रेंस की। उद्धव ठाकरे के 6 बागी सांसदों ने स्वतंत्र गुट बनाने की बात कही और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा।

अब 18 जून को शिवसेना यूबीटी के सांसदों के लिए व्हिप जारी किया गया है और सुबह 11।00 बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है।



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