राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि उनका एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और। इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तुरंत पलटवार किया।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कहा कि सचिन पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और आगे भी पार्टी में ही रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पायलट ने अपनी पुरानी गलतियों से सीख ली है और अब वह पहले से ज्यादा समझदारी के साथ काम कर रहे हैं।
दरअसल, साल 2021 में सचिन पायलट ने 18 कांग्रेस विधायकों के साथ गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे राजस्थान में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था। हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व के दखल के बाद मामला सुलझा लिया गया था। उस समय गहलोत ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही थी। हाल ही में टोंक में एक कार्यक्रम के दौरान अग्रवाल ने बिना नाम लिए पायलट को ‘धोखेबाज’ कहा और यह भी आरोप लगाया कि वह टोंक या राजस्थान के मूल निवासी नहीं हैं। इस बयान को लेकर कांग्रेस नेताओं में नाराजगी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अग्रवाल के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा राजनीति की मर्यादा के खिलाफ है और बीजेपी की गिरती सियासी संस्कृति को दिखाती है। डोटासरा ने कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने बीजेपी से मांग की कि राधा मोहन दास अग्रवाल अपने बयान के लिए माफी मांगें।
