सिद्धारमैया कर्नाटक में मुख्यमंत्री की पहली पसंद


सर्वेक्षण के अनुसार, 39.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चाहते हैं। वर्तमान भाजपा मुख्यमंत्री, बसवराज बोम्मई को 31.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं का ही साथ मिला।


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दक्षिण भारत Updated On :

नई दिल्ली। कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद भले ही कांग्रेस अपने दम पर सत्ता में वापसी करने की ओर अग्रसर है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने के संभावित मतदाताओं के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभरे हैं, मार्च के अंत में दक्षिणी राज्य में संभावित मतदाताओं के बीच एबीपी-सीवोटर द्वारा किए गए विशेष सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है। सर्वेक्षण के अनुसार, 39.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चाहते हैं। वर्तमान भाजपा मुख्यमंत्री, बसवराज बोम्मई को 31.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं का ही साथ मिला।

एबीपी-सीवोटर ने विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं के मूड को भांपने के लिए कर्नाटक में 25,000 मतदाताओं के साथ बातचीत की। कई राजनीतिक टिप्पणीकारों के लिए आश्चर्य की बात क्या हो सकती है जिन्होंने एच.डी. कुमारस्वामी और उनकी पार्टी जद(एस) को खारिज कर दिया था, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी 21.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं के साथ तीसरे सबसे लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभरे, 21.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा की कुमारस्वामी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चाहते हैं। 25 से 35 के बीच जद(एस) की अनुमानित सीटों की संख्या को देखते हुए, कुमारस्वामी 2018 की तरह, त्रिशंकु विधानसभा के वास्तविक परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस एक्सक्लूसिव सर्वे से एक और दिलचस्प खुलासा हुआ है कि कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा विकल्प के रूप में कहीं नहीं हैं। शिवकुमार, जिन्हें कांग्रेस की जीत की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया का प्रबल प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, कर्नाटक में संभावित मतदाताओं के लगभग 3 प्रतिशत की पसंदीदा पसंद हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण के अनुमान के अनुसार यदि पार्टी बहुमत हासिल करती है तो कांग्रेस आलाकमान किसे तरजीह देता है। सर्वेक्षण के अनुसार, कांग्रेस संभवत: 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में अधिकांश सीटों पर जीत हासिल करेगी।

सर्वे के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक कांग्रेस का वोट शेयर 2018 के 38 फीसदी से बढ़कर इस बार 40.1 फीसदी हो सकता है। 2018 में 80 सीटों की तुलना में, सर्वेक्षण में कांग्रेस को 115 से 127 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।



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