JPNIC पर फिर सियासी घमासान, अखिलेश यादव के पहुंचने से पहले भारी पुलिस बल तैनात

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उत्तर प्रदेश Updated On :

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समाजवादी पार्टी सरकार में बना जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जीपीएनआईसी) एक बार फिर चर्चा में आ गया है। चर्चा का कारण जेपी की जयंती है। उनकी जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव माल्यार्पण करने जाने वाले है।

अखिलेश यादव के पहुंचने के ऐलान के बाद पुलिस ने सेंटर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। परिसर के बाहर बड़ी संख्या में बैरिकेडिंग लगाई गई है। प्रशासन ने पुलिस फोर्स तैनात कर दी है।

अखिलेश यादव की सरकार में बना जेपीएनआईसी पिछले तीन सालों से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। हर साल जयंती के मौके पर अखिलेश यादव यहां पहुंचते है। इस बार ये मुद्दा इसलिए भी गर्म है क्योंकि शासन की तरफ से सेंटर को 30 सालों के लिए लीज पर दे दिया है। हालांकि लखनऊ विकास प्राधिकरण ने म्यूजियम ब्लॉक को अपने ही पास रखा है। इसी ब्लॉक में उनकी प्रतिमा लगी है।

अखिलेश यादव ने 2024 में लखनऊ विकास प्राधिकरण को पत्र भेज कर सेंटर में जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की अनुमति मांगी थी। प्राधिकरण ने आखिर मौके पर अनुमति को कैंसिल कर दिया था। जिसके बाद अखिलेश यादव सेंटर के मुख्य गेट को फांद कर अंदर गए थे।माल्यार्पण किया था।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 2025 में जेपीएनआईसी के गेट पर ऊंची पक्की दीवार खड़ी कर दी थी। इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। सपा ने इसे लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए थे।

शासन ने इस साल अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस सेंटर को 30 साल के लिए निजी हाथों में लीज पर दे दिया है। जिसको लेकर भी सपा ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए हैं।