अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के बीच ईरान को एक बार फिर धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान यूएस के साथ हुई डील का समझौता नहीं करता है तो वॉशिंगटन जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष के दौरान तेहरान काफी कमजोर हो गया है और अब उसकी नेवी, एयरफोर्स भी खत्म हो चुकी है।
ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘अगर ईरान अपने समझौते का पालन नहीं करता है या अगर वे सही व्यवहार नहीं करते हैं तो मैं वह करूंगा जो मुझे करना होगा।’
ट्रंप की ओर से ये चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियान द्वारा अंतरिम डील पर हस्ताक्षर करने के कुछ दिनों बाद आई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते के कारण अब ईरान उन पर दबाव बनाने में सक्षम है तो ट्रंप ने कहा, ‘उनकी नौसेना खत्म हो गई। उनकी वायुसेना खत्म हो गई। उनके सभी नेता मर चुके हैं। उनका पूरा देश बदहाल है। उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान को पिछले चार महीनों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ‘चार महीने पहले उनके पास एक नौसेना थी, ठीक 159 जहाज। वह सब खत्म हो गया। पूरी नौसेना खत्म हो गई। उनके 250 विमान, सब खत्म। उनके एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म। उनका रडार खत्म।’
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के अधिकांश मिसाइल भंडार, लॉन्च फेसिलिटीज और ड्रोन निर्माण क्षमताएं नष्ट कर दी गई हैं। उन्होंने कहा, ‘उनके अधिकांश मिसाइल नष्ट हो चुके हैं। उनके अधिकांश लॉन्च फेसिलिटीज नष्ट हो चुके हैं। ड्रोन और मिसाइलों के उत्पादन की उनकी अधिकांश क्षमता नष्ट हो चुकी है। लगभग 87 प्रतिशत क्षमता नष्ट हो चुकी है।’
ट्रंप ने ईरान की लीडरशिप पर कहा कि उन्हें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है। यूएस प्रेसिडेंट ने कहा, ‘उनके पहले स्तर के नेता जा चुके हैं। उनके दूसरे स्तर के नेता भी जा चुके हैं। उनके तीसरे स्तर के नेताओं की बातचीत आपको सुननी होगी।’
ट्रंप ने मीडिया संगठनों की आलोचना करते हुए उन पर ईरान संघर्ष के प्रभाव को कम करके आंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘मेरी भारी जीत का कारण यह है कि मुझे 92 प्रतिशत नकारात्मक खबरें मिलीं, जो पूरी तरह से फर्जी थीं और इसके बावजूद कि अब कोई भी प्रेस पर विश्वास नहीं करता है।’
ट्रंप के अनुसार, ऐसी रिपोर्टें जिनमें यह सुझाव दिया गया था कि ईरान उसी स्थिति में है जहां वह कुछ महीने पहले था, देश के सैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भयावहता को नजरअंदाज करती हैं।
