बिहार के छपरा में हुई पांच लोगों की मौत पर ADG ने बड़ा खुलासा किया है। ADG ने माना बिहार के छपरा में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई थी। एडीजी अमित कुमार जैन ने माना बताया कि शराब के सैंपल में मिथाइल अल्कोहल (स्पिरिट) मिला हुआ था।
एडीजी ने बताया कि शराब में मिथाइल अल्कोहल मौत की वजह बनी है। पुलिस ने मामले में कुल 4 के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस घटना में 10 अभियुक्त नामजद किए गए थे, जिसमें छह आरोपियों गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। जहरीली शराब कांड के में मामले जांच जारी है।
प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंगलवार (17 मार्च) को एडीजी अमित कुमार ने यह जानकारी दी है। आगे उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के बाद से अवैध शराब की जब्ती में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2024 की तुलना में 2025 में औसतन प्रतिमाह 9 फीसदी तथा 2025 के मुकाबले 2026 में औसत प्रति महीने 18 फीसदी शराब की बरामदगी की गई है।
घटना के बाद अब तक पानापुर में 1050 लीटर, जबकि मशरक में 650 लीटर स्पिरिट बरामद की जा चुकी है। होली के जश्न के बाद इस जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि होली के बाद सारण के मशरक और पानापुर में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से शराब बंदी कानून पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष के द्वारा भी इस कानून की समीक्षा की मांग की गई थी। मशरक और पानापुर इलाके में पांच लोगों की मौत ने न सिर्फ परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
