बलूचिस्तान में TTP का हमला, 21 पुलिसकर्मियों की मौत, पाकिस्तानी सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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विदेश Updated On :

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में आज आधी रात तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमले में 21 पुलिस अफसरों की जान गई। इसके बाद उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। क्वेटा के सिविल अस्पताल में परिजनों ने जमकर बवाल किया।

बलूचिस्तान के ज़ियारत इलाके में टीटीपी के हमले में मारे गए पुलिस अफसरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद जब उन्हें दफनाने के लिए क्वेटा पुलिस लाइन ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई तो मृतकों के परिजनों ने जमकर बवाल काटा।

परिजनों का आरोप था कि पहले पाकिस्तानी सेना ने पुलिस अधिकारियों को अकेले टीटीपी के साथ लड़ने के लिए छोड़ दिया था। 3 घंटे तक फोर्स नहीं भेजी और जब टीटीपी के आतंकी पुलिस अधिकारियों की लाश ले कर चले गए तो सेना ने लाशों तक को खोजने की कोशिश नहीं की, जिसके बाद कल पूरा दिन परिजन मृतकों के शवों को ढूंढ कर लाए।

जियारत में पाकिस्तानी सेना फ्रंटियर कोर के जवानों ने पहले परिजनों से लाशें छीन ली ताकि दिखाया जा सके कि उन्होंने मृतक पुलिसकर्मियों की लाशें खोजी हैं और इसके बाद क्वेटा के सिविल अस्पताल लाकर पुलिसकर्मियों की लाशों को परिजनों को सौंपने की जगह पुलिस लाइन लेकर जाया जा रहा था।

इसी कारण मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों ने पहले सिविल अस्पताल के बाहर बवाल काटा और फिर सिविल अस्पताल में मौजूद पाकिस्तानी सेना के फ्रंटियर कोर के जवानों को मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों ने खदेड़ दिया।

मौके पर मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी। “ये जो दहशतगर्दी है उसके पीछे वर्दी है” और “शेम शेम” के नारे लगाए गए। स्थानीय लोगों का मानना है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की आम लोगों पर कार्रवाई की वजह से आतंकी हमले बढ़ रहे हैं और पुलिस भी उसकी चपेट में आ रही है। शवों को अपने कब्जे मे लेकर परिजन सिविल अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।