CJP प्रोटेस्ट: 75 ट्रेनें रद्द, 57 मेट्रो स्टेशन बंद, इंटरनेट बैन, दीपके बोले- प्रदर्शन तो होगा

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आज विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी, लेफ्ट और ममता बनर्जी की पार्टी ने समर्थन देने का एलान किया है। SIR को रद्द करने, कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के लिए जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने प्रदर्शन का ऐलान किया है।

सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने सहयोगियों सौरभ दास, आशुतोष रांका समेत कई समर्थकों के साथ सुबह 9:30 बजे एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और वहां से जंतर मंतर जाने की कोशिश करेंगे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है।

अभिजीत दीपके का कहना है कि उन्हें जहां रोका जाएगा वही जंतर मंतर होगा। वो जेल जाने के लिए तैयार हैं। प्रदर्शन तो होगा। दीपके ने सुबह-सुबह एक्स पोस्ट में लिखा, ”जिंदगी जीने के दो ही तरीके होते हैं…एक जो हो रहा है, होने दो, बर्दाश्त करते जाओ…या फिर जिम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की।”

जंतर मंतर तक भारी बैरिकेडिंग कर दी गई है। लाउडस्पीकर से धारा 163 का जिक्र कर वहां जमा न होने की लगातार चेतावनी जारी की जा रही है। प्रदर्शन शुरू होने से पहले जनपथ, कनॉट प्लेस, जंतर मंतर रोड सभी पर 3-4 लेयर बैरिकेड लगा दिए गए हैं।

संसद मार्ग की तरफ जाने वाली सड़क एक साइड से पूरी तरह बंद है और उस तरफ़ जाने वाले पैदल लोगो को भी वापस भेजा जा रहा है। पुलिस अफसरों की वर्दी पर बॉडीकैम लगे हैं। जंतर मंतर पर सिर्फ मीडिया को अंदर जाने की अनुमति है। रैपिड एक्शन फ़ोर्स की गाड़िया खड़ी और प्राइवेट बसें खड़ी है की अगर प्रदर्शनकारी वहां तक पहुंचते हैं तो उन्हें हिरासत लिया जा सके।

नई दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आने वाली स्पेशल और मेल ट्रेनें रद्द की गई है। दोपहर 2 बजे तक 75 टेनें रद्द हैं। 45 मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद कर दिए गए हैं। आज शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली में 10 डिटेंशन सेंटर भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही नई दिल्ली जिले में जंतर मंतर के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

आखिर दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत क्यों नहीं दी है? इसकी वजह-

  1. प्रदर्शन के लिए देरी से आवेदन
  2. 10 दिन पहले आवेदन देना होता है
  3. 7 अक्टूबर को आवेदन दिया गया
  4. नई दिल्ली में धारा 163 लागू
  5. उल्लंघन पर कार्रवाई होगी

CJP के प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस के ऐहतियाती उपायों से लोगों की परेशानियों का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठा। दलील दी गई कि सिर्फ आशंका के आधार पर सब कुछ बंद किया जा रहा है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 20 जून को प्रदर्शन की इजाजत मांगी गई थी। जो पुलिस की तरफ से दी गई, लेकिन 1 दिन की मंजूरी लेकर 17 दिन तक बैठे रहे। संसद की तरफ जाने की भी कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों को संसद जाने से रोकने में 200 से ज्यादा पुलिसवाले घायल हुए। दलीलों के सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट कई टिप्पणियां की।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

  1. मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न हो
  2. नागरिकों को ट्रांसपोट इस्तेमाल का अधिकार
  3. मेट्रो स्ट्रेशन, ट्रेन रोक पर दोबारा विचार की जरूरत
  4. आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए
  5. प्रदर्शन के लिए बड़ी जगह पर विचार

दिल्ली में प्रदर्शन के बीच नोएडा में अब धरना-प्रदर्शन से लेकर भीड़ जुटाने तक पर सख्ती की गई है। गौतमबुद्धनगर में 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू कर दी गई है। नवरात्र, परीक्षाओं और किसान संगठनों के संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने ये कदम उठाया है। बिना इजाजत एक जगह पांच या उससे ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एहतियातन बैरिकेडिंग की गई हैं। ताकि अगर यूपी की तरफ से प्रदर्शनकारियों का बड़ा हुजूम दिल्ली की ओर कूच करता है, तो उन्हें बॉर्डर पर ही रोका जा सके। जंतर-मंतर तक प्रदर्शनकारियों को पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस पहले से ही मोर्चाबंदी कर रही है।



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