तेहरान: पश्चिम एशिया में एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की योजना पर विचार कर रहे हैं। इन खबरों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने बुधवार को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ से मुलाकात की।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, बैठक में अमेरिका और इजरायल की संभावित सैन्य कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम की समीक्षा की गई। साथ ही ईरान की ताकत के विभिन्न स्रोतों को मजबूत करने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
गालिबाफ अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रक्रिया में कतर और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं।
संभावित हमलों को लेकर अमेरिका-इजरायल की तैयारी
द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान पर नए हमलों के लिए योजनाएं तैयार की हैं। रिपोर्ट में इन योजनाओं को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की मुलाकात का भी जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित निशानों में ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठान, परमाणु केंद्र और मिसाइल एवं ड्रोन भंडार शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन हमलों को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
ईरान की चेतावनी-जवाबी कार्रवाई पहले से ज्यादा गंभीर होगी
संभावित अमेरिकी हमले की खबरों के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए सैन्य हमले का जवाब पहले की तुलना में अधिक व्यापक और गंभीर हो सकता है।
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े अधिकारी मोहसिन रजाई के हवाले से बताया गया कि ईरानी सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई के लिए एक अधिक प्रभावशाली योजना तैयार की है।
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि देश व्यापक और कई स्तरों पर चलने वाले संभावित युद्ध के लिए तैयारियां कर रहा है। अधिकारी के मुताबिक, किसी भी नए सैन्य हमले की स्थिति में जवाब उन पक्षों के हितों और उद्देश्यों को निशाना बना सकता है, जिन्हें ईरान आक्रामकता के लिए जिम्मेदार मानता है, साथ ही क्षेत्र में उनके समर्थकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ सकता है असर
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी दबाव पड़ने की आशंका है। यदि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करते हैं और इसके जवाब में संघर्ष फैलता है, तो तेल आपूर्ति और परिवहन मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में वैश्विक ईंधन कीमतों में उछाल आने का जोखिम रहेगा। फिलहाल, संभावित हमलों और ईरान की जवाबी रणनीति को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
