धरती का स्पर्श जरूरी होता है, सिर्फ मुहावरों में नही। सचमुच माँ की तरह सहेज लेती है, इसकी गोद में बैठो तो।
अकेले भारत में ही लगभग 30 लाख से ज्यादा वेश्याएं हैं, इनमें 12 से 15 साल तक की करीब 35 प्रतिशत लड़कियाँ हैं जो इस अमानवीय धन्धे में फँसी हुई हैं।
दुनिया भर में हर समाज की अपनी विश्वास प्रणाली है। एक लंबी परंपरा है, जो हर क्षेत्र में उसके फलने-फूलने की आधारशिला है। इसमें कोई भी परिवर्तन समाज के भीतर विरोध का कारण…
महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित जयप्रकाश नारायण एक ऐसे स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी थे जो पराधीन भारत में बर्फ की सिल्लियों पर लेटे तो आजाद भारत में भी उन्हें जेल की हवा खानी…
गोरखपुर में एक टी वी चैनल के साथ मुलाक़ात में मुख्यमंत्री योगी ने जब यह कहा कि बिना सबूत के कोई गिरफ़्तारी नहीं होगी तो जनता सवाल करने लगी थी कि अदालत को…
जून, 2021 की शुरुआत में मिशन तिरहुतीपुर का डेढ़ एकड़ का मैदान लगभग उजाड़ पड़ा हुआ था। उसमें न तो कोई बाऊंड्री थी और न ही कोई छत। बरसात के मौसम में वहां…
द्यूत क्रीड़ा के बाद जब पांडवों को वनवास मिला तो भविष्य में युद्ध को अवश्यंभावी मानकर अर्जुन ने विभिन्न प्रकार के दिव्यास्त्रों की प्राप्ति के लिए प्रयास शुरू कर दिया था। इसी सिलसिले…
गाँधीजी ने क्रांतिकारियों की कटुतापूर्ण आलोचना करते हुए एक लेख ‘बम की पूजा’ लिखा, जिसमें उन्होंने क्रांतिकारी नवयुवकों को आज़ादी के रास्ते में रोड़ा अटकाने वाले कहा।
महान सनातनी हिन्दू महात्मा गांधी के जीवन की कुछ अहम घटनाएं जिन्होंने गांधीजी के लेखन और भाषण में हिन्दू - मुस्लिम एकता शब्द को कर दिया।
गाँधी की जीवन यात्रा ही उनकी विचारधारा बन गयी जो बाद में ‘गांधीवाद’ के नाम से प्रसिद्ध हुई। गाँधी उस तरह के व्यक्ति रहे है।
भारत की आजादी के 74 साल बाद भी गांधी को याद करने के पीछे के कारण उनके सत्य और अहिंसा के सिद्धांत हैं। उनके विचारों का मूल लक्ष्य सत्य और अहिंसा के माध्यम…
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के अवसर पर साहित्य अकादेमी द्वारा आज बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन आभासी मंच पर किया गया। कार्यक्रम का विषय था अंतरभाषायी अनुवाद और राष्ट्रीय एकता ।…
भोपाल। वर्तमान समय में पलायन एक गंभीर समस्या के रूप में हम सबके सामने है। लाखों लोग रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करते हैं। कोविड –19 महामारी ने पूरे देश…
दिल्ली। एक तरफ जहां हम भारत की 75वीं आजादी वर्षगाँठ का जश्न मना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आज भी जल, जंगल, जमीन का मुद्दा पहले जैसा ही है। आज भी लाखों लोगों…
अभी अजय कुमार ने लिखा, “हिंदी वालों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं से नाता तोड़ लेना चाहिए। वह गलत जगह इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। हिंदी की पूरी दुनिया सरकारी स्कूलों से बनी हुई है।…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के बीच उम्र में एक सप्ताह से भी कम का फ़ासला है। डॉ भागवत प्रधानमंत्री से केवल छह दिन…
शिक्षा के क्षेत्र में देश-विदेश में जो भी अच्छे प्रयोग हुए हैं, उन्हें जानने-समझने में मेरी बहुत रुचि है। अगर मौका मिले तो मैं उन्हें देखने भी जाता हूं। मेरी ऐसी ही एक…
भारत में लगभग 100 वर्षों से आधुनिक किस्म का सहकारिता आंदोलन चल रहा है लेकिन यह सनातन से भारतीय अर्थ चिंतन का आधार रहा है।
राष्ट्रवादी और जनपक्षधर राजनेता, तत्वदर्शी, चिंतक, दूरद्रष्टा, स्वप्नदर्शी दीनदयाल उपाध्याय की रूह ने आज ही के दिन इस दुनिया -ए -फानी पर दस्तक दी थी।
वर्तमान में कोविड -19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों ने एक बार फिर महात्मा गांधी के स्वशासन के सपने की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, और यही स्वशासन सुशासन का…
अंग्रेजों ने भारतीय परिप्रेक्ष में आदिवासी शब्द गढ़े और आदिवासी व गैर-आदिवासियों के बीच दरार पैदा करने की एक अवधारणा रखी। उन्होंने आदिवासियों को आदिवासी के रूप में वर्गीकृत करके दो लक्ष्यों को…
पिछले कुछ दशकों से शिवसेना ने सावधानी बरतते हुए प्रवासियों में भी उत्तर भारतीयों ख़ासकर बिहारी और पूर्वांचलियों को ही अपनी घृणा का शिकार बनाया है। यूँ भी उत्तर भारतीय मतदाताओं की पहली…
अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों के खिलाफ बीस साल की लड़ाई के बाद तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्जा करना सामान्य धारणा से परे है।
मिशन तिरहुतीपुर की गतिविधियों के कुल 9 आयाम हैं- मीडिया, इवेंट्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, संगठन, शिक्षा, कृषि, गैर कृषि उत्पादन, व्यापार और सेवाक्षेत्र।
देश के नागरिक इस वक्त एक नए प्रकार के ‘ऑक्सिजन’ की कमी के अदृश्य संकट का सामना कर रहे हैं।