अमेरिका के इस फैसले से विश्व स्वास्थ्य संगठन के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र संघ के विभिन्न सदस्य देशों से साल भर में जितनी आर्थिक…
पिछले एक साल से कम की अवधि में कम से कम ट्रम्प चार बार तो इस तरह की पहल भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की भूमिका निभाने के सन्दर्भ में कर…
दिल्ली और बीजिंग में चुप्पी है। सारा कुछ गोपनीय स्तर पर हो रहा है। हालांकि सीमा पर सैनिकों की गतिविधियों ने साफ संकेत दिए हैं कि टकराव खतरनाक हो सकता है। लेकिन कोविड-19…
टिड्डियां अकेले में नहीं बल्कि एक साथ लाखों के झुण्ड में ही एक स्थान से दूसरे स्थान को जाते हैं। टिड्डियों का यह दल जब उड़ान भरता है तो आसमान को देख कर…
भारत चीन को काफी हद तक यह बताने में भी कामयाब रहा है कि चीन इस तरह की गलतफहमी में न रहे कि अगर दोनों देशों के बीच किसी तरह का सैनिक विवाद…
हैरान करने वाली बात है कि चीन ने भारत के साथ ताजा सीमा विवाद के लिए भी पंडित नेहरु की मृत्यु के आसपास का ही समय चुना। गौरतलब है कि 25 मई के…
भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की वास्तविकता को जानने-समझने के लिए देश के दस प्रमुख शहरों के साथ ही कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में यह सर्वे कराना शायद इसलिए भी जरूरी समझ…
आखिरी रमजान को देर रात जब ईद का चांद दिखाई देता है तो उसके अगले दिन यह त्योहार मनाया जाता है। इस बार शनिवार 23 मई को आखिरी रमजान के दिन सिर्फ केरल…
वर्तमान संकट की स्थिति में भी घर से बाहर जाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाली स्त्री पर बात करें तो उनके सामने कुछ और ही समस्या है। इन महिलाओं में सामाजिक संस्था…
हैजा और प्लेग जैसी महामारी भी अतीत में मानवता के लिए अभिशाप बन कर सामने आई हैं लेकिन ये संकट एक समय में दुनिया के किसी एक या दो देशों तक ही सीमित…
मूर्ख होने पर इंसान का बस नहीं। मूर्ख हम-सब हैं। पर अपनी-अपनी मूर्खताओं की पहचान हमें होनी चाहिए। यह जानना ज़रूरी है कि क्या हम नहीं जानते और क्या हम नहीं जान सकते।…
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समझे जाने वाले साल के ऐसे कुछ अपवाद महीनों में एक नाम मई के महीने का भी जोड़ा जाना चाहिए। ये महीना भी कई घटनाओं की वजह से भारत…
कोरोना के चलते दुनिया के कमोबेश सभी देशों में, कहीं आज तो कहीं कल के नाम पर अलग -दिनों की निर्धारित अवधि के लिए लॉक डाउन जैसे अमोघ शस्त्र का इस्तेमाल किया गया…
मानवीय स्वतंत्रता व गरिमा, न्याय, समानता और शांति की स्थापना सभ्यताओं का शिखरध्वज होना चाहिए। मनुष्य जाति के पास इस शिखर को हासिल करने के सैद्धांतिक और व्यवहारिक अनुभव तथा उपाय मौजूद हैं।…
तीन चरणों में लॉकडाउन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार और जनता को यह समझ में आ सका कि वास्तव में यह विपदा है क्या और इस समस्या से किस तरह…
जीवन जीने के साझा तौर-तरीकों को सभ्यता कहा जा सकता है। हर बड़े युद्ध या महामारी के बाद लोगों की जिंदगियों में उथल-पुथल होती रही है जो सभ्यताओं को भी प्रभावित करती है।…
एक राजनीतिज्ञ की हैसियत से राजीव गांधी ने अपने 11 साल के जीवन में तीन रूपों में काम किया था। संजय गांधी की असामयिक मृत्यु के बाद जब वो पहली बार राजनीति में…
चीन भारत को लगातार झटके भी दे रहा है। पिछले कुछ दिनों में भारत के सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के इलाके में चीन की स्पष्ट घुसपैठ दिखी। उधर पाकिस्तान गिलगित बलतिस्तान में…
राजीव गांधी को यह देश इसलिए भी याद रखेगा कि उन्होंने तकनीकी और कंप्यूटर के क्षेत्र में दुनिया के विकसित देशों के साथ बराबरी करने का सपना देखा था। और इस सपने को…
जंजीर की मजबूती उसकी मजबूत कड़ियों से नहीं बल्कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी से ही आंकी जायेगी। यह बात किसी देश की विकास यात्रा के बारे में लागू होती है। अपने देश की…
किसानों की संख्या 20 प्रतिशत करने के लिये ऐसी परीस्थितियां पैदा की जा रही है कि किसान स्वेच्छा से या मजबूर होकर खेती छोड़ दे या फिर ऐसे तरीके अपनाएं जाये जिसके द्वारा…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सहयोगी राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ मिल कर प्रधानमंत्री के विशेष इस विशेष राहत पैकेज के सभी पहलुओं की जानकारी पांच किश्तों में 13 मई…
यह एक सच्चाई है कि नया और पुराना सब मिला कर 20 लाख करोड़ का यह पैकेज भारत की कुल जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद का दस फ़ीसदी है और निश्चित तौर पर…
क्या हिंदुस्तान इस हद तक कोविड महामारी से भयभीत या खौफज़दा हो गया है? जो हालात देश भर में दिखाए जा रहे हैं वे भयभीत तो करते ही हैं। जगह-जगह डाक्टर, नर्स या…
लॉकडाउन के इस दौर में कोई कूकिंग में प्रवीण हो गया तो किसी ने घर को ही अपनी मैराथन दौड़ का ट्रैक बना लिया, कोई घर पर ही अपने स्मार्ट फ़ोन से छोटी-…