आधुनिक भारत के निर्माता पंडित नेहरु ने यह सुनिश्चित किया कि नए भारत की नीतियां और कार्यक्रम सार्वजनिक क्षेत्र, शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और सिंचाई व स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर केन्द्रित हों।
नव उदारवाद के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या हो सकती है कि उसके शिकार मान रहे हैं कि कोठी-कार वालों के लिए पिछले 65 साल में कुछ नहीं हुआ!
यह कहना गलत नहीं होगा कि 2013 से अभी तक दिल्ली में आप और भाजपा की साझी सत्ता रही है। इसलिए यह कहना कि इन चुनावों में आप की जगह भाजपा की सरकार…
अब आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने देश के ‘असली स्वतंत्रता’ हासिल करने की एक नई तारीख घोषित कर दी है। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि…
खान अब्दुल गफ्फार खान का जन्म 1890 में पेशावर में उत्तमजई गाँव में मालदार जमींदार पठान खानदान में हुआ था। पठानों में ‘खून के बदले खून’ के उसूल पर खानदानों में पुश्त-दर-पुश्त खून…
कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन भी नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। यहाँ साधु, संत, नागा बाबा और अन्य धार्मिक गुरुओं के दर्शन होते हैं, जो अपने ज्ञान और…
सवाल यह था कि चुनाव आयोग द्वारा मतदान वाले दिन शाम को दिए गए और अंतिम मतदान के आंकड़ों में इतना अंतर क्यों है, मतदान के अंतिम आंकड़े इतनी देरी से और वो…
केरल सहित आज के भारत में हमारे लिए नारायण गुरु और कबीर के बताए रास्ते पर चलना जरूरी है जिनके मानवीय मूल्यों ने समाज को बंधुत्व की ओर अग्रसर किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली के विकास की एक नई अभिकल्पना की और उसे अंजाम देना शुरु किया। आज जो दिल्ली हमारे सामने है, वह शीला दीक्षित की दिल्ली है। 'टूटे…
सबसे पहले जगजीत सिंह डल्लेवाल के मरण-व्रत को तुड़वा कर उनकी जान बचाई जानी चाहिए। जान बचाने का मतलब आंदोलन समाप्त करना नहीं है। संघर्ष जारी रहे इसका नया रास्ता खोजा जा सकता…
आज भाजपा यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह बाबासाहेब की प्रतिमाओं की स्थापना कर, उनकी स्मृति में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय बना कर व अन्य सांकेतिक कार्य करके वह उनका सम्मान कर…
पिछले कई दशकों से राष्ट्रीय सैंपल सर्वेक्षण संगठन लोगों से उनके दैनंदिन रसोई के खर्च से लेकर कपड़े, शिक्षा और अस्पताल या मनोरंजन जैसे हर छोटे-बड़े खर्चे की सूचना के आधार पर प्रति…
कनाडा में मंदिरों पर हमलों की घटनाओं में आमतौर पर मंदिरों में तोड़फोड़, धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाना या स्प्रे पेंट करना शामिल होता है। कुछ मामलों में, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने…
यूक्रेन और फिलस्तीन में शुरू हुई लड़ाइयां खिंचती ही जा रही हैं। इससे सिर्फ इतना पता चल रहा है कि लड़ाई की स्थितियां न बनने देने या चलती लड़ाई को समय से ठंडा…
एम्स भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री और गांधी जी की सहयोगी राजकुमारी अमृत कौर के विजन का नतीजा है। जिस निष्ठा और निस्वार्थ भाव से एम्स के डॉक्टर रोगियों को देखते हैं, उससे समझ…
नरेंद्र मोदी ने विचलन को ही नियम बना दिया। हालांकि, इसमें मोदी का कोई बड़ा कमाल नहीं था। मूलभूत विचलन 1991 में हो चुका था, जब देश की अर्थव्यवस्था को संविधान और स्वतंत्रता…
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कुछ समय पहले वीर सावरकर पर गैर- जरूरी टिप्पणी अपमानजनक की थी। उनकी बयानबाजी से शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे भी नाराज हो गए थे।
यह कैसे हो रहा है कि भागवत शांति और सौहार्द की बात कर रहे हैं और ‘आर्गेनाइजर’ के कर्ताधर्ता चाहते हैं कि नफरत और हिंसा की राह पर तेजी से आगे बढ़ा जाए?
कोविड के चलते अचानक लगाए गए लॉकडॉउन के चलते जब हजारों मजदूर अपने गांवों के लिए लौटने पर मजबूर हुए थे, मनरेगा का संशोधित बजट 1,13,000 करोड़ रुपये रहा था। इसने इन मजदूरों…
तीन बार बीपीएससी अभ्यर्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज चार्ज किया गया और पिछली 29 दिसंबर को तो जुल्म की इंतिहा करते हुए इस भीषण ठंड में छात्रों पर वाटर कैनन से हमला किया गया।
आयुष्मान भारत योजना देश के लाखों लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। सरकार स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सभी के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने…
अशोक के अस्तित्व और महत्व को लेकर भी बौद्धों में मतभेद देखा जाता है। श्रीलंका और बर्मा (म्यांमार) के थेरवादी अशोक को बौद्ध धर्म की धुरी मानते हैं जबकि बाकी देशों के बौद्ध…
संविधान के सवाल को संविधान नामक दस्तावेज तक सीमित करना ठीक नहीं। संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं है। यह एक दर्शन है, भारत के भविष्य का एक खाका है। संविधान बचाओ के नारे…
साफ है कि एक ऐसी दुनिया में जहां बेरोजगारी हो या मार्क्स के शब्दों में, श्रम की सुरक्षित सेना मौजूद हो, अवसर की कोई समानता नहीं हो सकती है।
संघ परिवार और उसके चिंतक जहाँ भारत को विशुद्ध ब्राह्मणवादी हिन्दू देश मानते हैं वहीं गाँधी, नेहरु इत्यादि इसे सभी भारतीयों का देश मानते थे।