वी-डेम इंस्टिट्यूट की भारत के संबंध में रपट, जो द हिंदू में प्रकाशित की गई है, में कहा गया है कि “यह रेखांकित करते हुए कि लोकतंत्र के लगभग सभी घटकों की स्थिति…
क्या औरंगजेब हिंदू विरोधी था? यह कहा जा सकता है कि औरंगजेब न तो अकबर जैसा था और ना ही दारा शिकोह जैसा। वह एक रूढ़िवादी व्यक्ति था और एक ओर जहां वह…
राजभाषा से हिंदी को मिला है अन्य भारतीय भाषाओं से अलगाव। अपनी समकक्ष और अपने से पुरानी और समृद्ध भाषाओं से सास जैसा व्यवहार करने की फूहड़ प्रवृत्ति। जिन भाषाओं ने हिंदी का…
सरकारें गोली चला सकती हैं। चुनावों में धांधली भी कर सकती हैं। लेकिन सरकार के फैसलों से असहमत नागरिकों के पास अपने प्राणों की बाजी लगा कर प्रतिरोध करने का रास्ता हमेशा उपलब्ध…
विश्व हिंदू परिषद ने इस स्वर्णिम अवसर का उपयोग मार्गदर्शक मंडल की बैठकों के आयोजन लिए किया। इसमें दिए गए भाषणों में मुसलमानों के खिलाफ जमकर जहर उगला गया। मुस्लिम विरोधी प्रोपेगेंडा, जो…
एक औसत दिन में पुरुष नहाने धोने तैयार होने में 74 मिनट लगाते हैं, और महिलायें उससे कम 68 मिनट। खाने पीने में भी पुरुष महिलाओं से दस मिनट फ़ालतू लेते हैं। गृहिणी…
माकपा अब लोगों के जीवन की बदतर स्थितियों को ठीक करने के लिए उन्हीं कल्याणकारी नीतियों की ओर लौटने की वकालत करती है। उनके अनुसार, लोगों की ये बदतर होती स्थितियाँ बस क्रोनी…
ओबीसी का तार्किक और धर्म से ऊपर उठकर उपवर्गीकरण किया जाना चाहिए। वर्तमान में चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से लागू किया जाना जरूरी है। हमें सकारात्मक कदम उठाने होंगे।
अंग्रेज़ी एक ऐसी भाषा है जो हिंदी ही नहीं बल्कि प्रतिवर्ष लगभग दो हज़ार अन्य विदेशी भाषाओं के शब्दों को भी पचाकर अपने में समाहित कर लेती है। इसी कारण समृद्ध होकर यह…
कुुल मिलाकर जनता को यही याद रहेगा कि अमरीकी पैसे वाला कुछ लफड़ा था। और कुछ नहीं तो कम से कम महाकुंभ और नई दिल्ली स्टेशन में सरकारी लापरवाही से हुई मौतों की…
प्रधानमंत्री ने जैसे-तैसे बात को संभाल लिया, लेकिन दाल में कुछ काला है, यह सारी दुनिया को दिख गया। उधर ट्रम्प ने वह बात कह दी जिसका किसी बयान में कोई जिक्र न था-उन्होंने खुलासा कर…
स्वाधीनता संघर्ष ने न सिर्फ विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच एकता के बंधनों को मजबूत किया वरन् मिली-जुली संस्कृति को सशक्त करने में भी योगदान दिया। मुस्लिम लीग और आरएसएस जैसे संगठनों…
गुरु रविदास, जो 15वीं शताब्दी के मध्य में काशी के पास रहते थे, ऐसे ही एक और संत थे जिन्होंने अपने पीछे एक महान विरासत छोड़ी है। काशी हिंदुओं के लिए उतनी ही पवित्र है जितनी…
ऐसी ही सांस्कृतिक गुलामी को समझने की कोशिश ईरान के फिरदौसी ने अपनी कृति 'शाहनामा' में कभी की थी। हमें भी करनी चाहिए। हमारी भारतीय ज्ञान-परम्परा विज्ञान के अनुकूल है। यदि हमने इसके…
हमारा समाज सदियों से बदलता आया है। पहले घुमक्कड़ पशुपालकों के समूह हुआ करते थे जो एक जगह से दूसरी जगह जाते रहते थे। फिर बादशाहतें कायम हुईं और अब दुनिया कई राष्ट्रों…
वैकल्पिक राजनीति का सपना तो उस वक्त ही मर गया था। लेकिन एक राजनीतिक विकल्प के रूप में ‘आप’ बनी रही और मजबूत भी हुई। भ्रष्टाचार विरोधी आदर्शवाद को छोड़कर अब पार्टी ने…
सभी जानते हैं आप में विद्रोह का झंडा उठाने वाले लोग लोकसभा का चुनाव जीत जाते या इन्हें दिल्ली से राज्यसभा में भेज दिया जाता या पार्टी में अहम पद सौंप दिया जाता तो…
ख़ुद प्रधानमन्त्री मोदी दिन में 18-18 घण्टे काम करने के बयान देते रहे हैं। इससे पहले इन्फ़ोसिस के नारायण मूर्ति ने हफ्ते में 70 घण्टे काम करवाने की इच्छा जतायी थी और अब…
कोरोना महामारी के बाद से पहले की तुलना में देश में खेती-बाड़ी पर निर्भर आबादी बढ़ गई है। लेकिन बजट के आंकड़े देखने के बाद ऐसा लगा मानो सरकार इस इंजन से उम्मीद…
स्वाधीनता संग्राम के सन्दर्भ में उन्होंने नेहरु पर निशाना साधा क्योंकि नेहरु ही वे महापुरुष थे जिन्होंने न सिर्फ सैद्धांतिक बल्कि व्यावहारिक स्तर पर भी धर्मनिरपेक्षता को अपनाया।
देश में अपराधों का रिकार्ड रखने वाली संस्था एनसीआरबी के आँकड़ों को देखें तो पता चला चलता है कि केवल वर्ष 2022 में 1 लाख 12 हज़ार छात्रों ने आत्महत्या की है।
ओवैसी राजनीति में अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता की एक अलग पट्टी तैयार करने की कोशिश में लगे हैं। अल्पसंख्यक राजनीति का यह ढब नरम इस्लामत्व का आधार लेकर चलेगा अथवा कट्टर इस्लामत्व का, या दोनों…
देवेन्द्र फडणवीस टीवी पर पाँच साल पहले घोटाले को लेकर चीख-चीख कर कहा करते थे कि अजित पवार को जेल में “चक्की पीसिंग एण्ड पीसिंग” करायेंगे। यही राग ख़ुद प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी भी…
मुस्तफा ने फासीवाद और साम्यवाद से अलग अपने फलसफे विकसित किये, जो अधिक मानवीय और संवेदनशील थे, आधुनिक भी। उसने धर्म के महत्त्व को स्वीकार किया, लेकिन उसके आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
भारत सरकार के अनुसार एक मजदूर की औसत दिहाड़ी महज 433 रुपए है। क्या आठवें वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारी के न्यूनतम वेतन को सरकार द्वारा तय किए जाने वाले न्यूनतम वेतन से…