इसी सत्र से शुरू होगा ‘दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल’, ओलंपिक खेलों की वल्र्ड क्लास ट्रेनिंग


दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि स्पोर्ट्स स्कूल कक्षा 6 से 9 के लिए इस सत्र से ही शुरू हो जाएगा, जिसके लिए टैलेंट स्काउटिंग द्वारा खेल प्रतिभाओं को चुना जा रहा है।


नागरिक न्यूज नागरिक न्यूज
दिल्ली Updated On :

नई दिल्ली। मौजूदा शैक्षणिक सत्र से दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल शुरू होने जा रहा है। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल का उद्देश्य कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं को संवारना और उन्हें वल्र्ड-क्लास सुविधाएं व ट्रेनिंग देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्पधार्ओं के लिए तैयार करना है। यह स्कूल 10 चुने गए ओलंपिक खेलों के लिए खेल प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करेगा। इनमें आर्चरी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, बॉक्सिंग, स्विमिंग, टेबल टेनिस और लॉन टेनिस है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि स्पोर्ट्स स्कूल कक्षा 6 से 9 के लिए इस सत्र से ही शुरू हो जाएगा, जिसके लिए टैलेंट स्काउटिंग द्वारा खेल प्रतिभाओं को चुना जा रहा है। इस बाबत शिक्षा मंत्री ने कहा कि, इस स्कूल में देशभर की खेल प्रतिभाओं को शामिल किया जाएगा जिन्हें हम शानदार स्पोर्ट्स फैसिलिटीज व वल्र्ड-क्लास ट्रेनिंग देकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने के लिए तैयार करेंगे। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ने अंतराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू भी किए है जिसके तहत राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कोच स्कूल में बच्चों को ट्रेनिंग देंगे। फिलहाल इस स्कूल में 10 ओलंपिक खेलों को शामिल किया गया है।

स्कूल के स्टूडेंट्स को वल्र्ड-क्लास कोचिंग प्रदान करने के लिए स्कूल पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और एक्सपर्ट ट्रेनर्स को चुनेगा। साथ ही यहां विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स कोचिंग और सुविधाओं के अलावा, स्कूल में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और एथलीट मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा जो साइंटिफिक तरीकों से स्टूडेंट्स के खेल प्रदर्शन को बेहतर करने में मदद करेगा।

बुधवार को दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस स्कूल का दौरा कर नए सत्र में स्कूल शुरू होने की तैयारियों का जायजा लिया। शिक्षा मंत्री ने स्कूल में विकसित की जा रही स्पोर्ट्स सुविधाओं से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को अंतिम चरण में चल रहे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अबतक देश में हमेशा पढ़ाई और खेल को अलग-अलग माना गया है। यही कारण है कि इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद भी ओलंपिक में जब पदक तालिका देखी जाती है तो हम बहुत नीचे होते है। हम दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और इसके अंतर्गत दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल के द्वारा ये माहौल बनाने का प्रयास कर रहे है जहां खिलाडियों का खेल ही उनकी पढ़ाई होगी और देश का हर आदमी कह सकेगा कि खेल भी पढ़ाई है।

यहां स्कूल में छोटी उम्र से ही बच्चों को खेलों के लिए तैयार किया जाएगा और उन्हें शानदार प्रशिक्षण मिलेगा, ताकि ये बच्चे भविष्य में भारत के लिए ओलंपिक मेडल लेकर आएं और दिल्ली सहित पूरे देश का नाम रौशन करें।

दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल एक रेजिडेंशियल स्कूल है। जहां छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल है। स्कूल परिसर में ही मौजूद 4 मंजिला इस हॉस्टल में छात्रों के लिए किचन मेस सहित अन्य सभी सुविधाएं मौजूद हैं।



Related