सरकार के 8 साल पूरे होने पर बोले सीएम- भ्रष्टाचार, अपराध, जाति को जड़ से उखाड़ने पर जोर


मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार, अपराध और जातिवाद को जड़ से खत्म करने पर जोर देते हुए बुधवार को आठ साल पूरे कर लिए हैं।


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हरियाणा Updated On :

नई दिल्ली। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार, अपराध और जातिवाद को जड़ से खत्म करने पर जोर देते हुए बुधवार को आठ साल पूरे कर लिए हैं। खट्टर ने मीडिया से कहा, इन आठ वर्षों में भ्रष्टाचार, जाति और अपराध को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए तीन ‘सी’ रणनीति बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आगे उन्होंने कहा- ‘5एस’- शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वाभिमान और स्वावलंबन- को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है ताकि हरियाणा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साझा किए गए विकास के ब्लूप्रिंट ने उन्हें सरकार के कामकाज में परिवर्तन लाने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए लगातार काम करने के लिए प्रेरित किया है। इस अवसर पर खट्टर ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा संकलित सरकार की उपलब्धियों पर एक पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आठ वर्षों में हरियाणा में दर्जनों परिवर्तन लाए गए हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की शुरूआत उनकी सरकार के आठ मुख्य आकर्षणों में शीर्ष पर है। खट्टर ने कहा- अपनी तरह की इस अनूठी अंब्रेला योजना के माध्यम से परिवार को एक इकाई मानकर राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया जा रहा है। आज सभी कल्याणकारी योजनाओं को पीपीपी से जोड़ा जा रहा है।

पीपीपी के माध्यम से पेंशन लाभों का स्वत: वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति पेंशन की आयु तक पहुंचता है, उसकी पेंशन स्वत: ही पीपीपी के माध्यम से शुरू हो जाती है। इसके अलावा पीपीपी के माध्यम से पीला राशन कार्ड जारी करने का कार्य भी किया जा रहा है। खट्टर ने कहा कि शुरूआत में यह योजना सिरसा और कुरुक्षेत्र जिलों में पायलट आधार पर शुरू की गई थी।

खट्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान के पहले चरण में एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लगभग दो लाख गरीब परिवारों की पहचान करने का लक्ष्य रखा गया है। पहचान के बाद सरकार ने ऐसे परिवारों की पारिवारिक आय में एक लाख रुपये तक की वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे परिवारों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए बीपीएल परिवारों की वार्षिक आय का स्लैब 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अंत्योदय अभियान में गरीब से गरीब व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

खट्टर ने कहा- अंत्योदय ग्राम उत्थान मेलों के तीन चरणों में अब तक 33 हजार से अधिक गरीब परिवारों को स्वरोजगार के लिए ऋण स्वीकृति पत्र दिए जा चुके हैं। साथ ही ऐसे लाभार्थियों को निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।