महाराष्ट्र में बाढ़-भूस्खलन और कई पेड़ गिरे, 62 से ज्यादा की मौत

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महाराष्ट्र Updated On :

महाराष्ट्र में मानसून ने का कहर जा रही है। मुंबई समेत कई शहरों में मौसम का मिजाज बेहद बदला हुआ है। राज्य में हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आ रही है। फिलहाल महाराष्ट्र में आज का मौसम सुबह 8 बजे शहर और उपनगरों में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

वहीं बिजली कड़कने और गरजने की संभावना है, साथ ही कभी-कभी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मुंबई में गुरुवार (9 जुलाई) को दो बार हाई टाइड आने की संभावना है। पहला हाई टाइड सुबह 7:00 बजे 3।49 मीटर और दूसरा शाम 6:09 बजे 3.62 मीटर रहेगा। महाराष्ट्र में इस बार मानसून और बारिश जानलेवा बन गया है। 1 जून से 8 जुलाई के बीच 62 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 74 लोग घायल हुए। इसमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत इमारत/मकान ढहने से हुई है।

इसके अलावा 23 लोगों की मौत आकाशीय बिजली गिरने, 6 की पेड़ गिरने, 6 की भूस्खलन/मडस्लाइड और 2 की बाढ़ में हुई। मानसून का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ा है। 1 जून से अब तक राज्य में करीब 200 पशुओं की मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में दर्ज की गई है। राज्य में मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में अचानक बाढ़, नदियों के उफान और इमारतों के ढहने जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।

महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से गुरुवार (9 जुलाई) को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 पशुओं की भी जान गई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के तटीय और पश्चिमी जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर ठाणे और पालघर में देखने को मिला।

इस दौरान ठाणे में 196.9 मिमी, पालघर में 185.4 मिमी, रायगढ़ में 134.1 मिमी, मुंबई उपनगर में 125.0 मिमी और पुणे में 69.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से अब तक हुई कुल बारिश के आधार पर लगभग सभी जिले ‘लार्ज एक्सेस’ (सामान्य से बहुत अधिक बारिश) की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। पालघर में सामान्य से 457.3 प्रतिशत और पुणे में 435.4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले पांच सप्ताह में हुई 62 मौतों में सबसे अधिक जानें इमारतों और दीवारों के ढहने तथा आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में गई हैं। संरचनाओं के ढहने से 25 लोगों की मौत हुई और 41 लोग घायल हुए। ये घटनाएं मुख्य रूप से नासिक, ठाणे, और मुंबई उपनगर में हुईं। वहीं बिजली गिरने की घटनाओं में 23 लोगों की मौत और 17 लोग घायल हुए।

राज्य में हुई 200 पशुओं की मौत में से 181 की मौत बिजली गिरने के कारण हुई। इसके अलावा भूस्खलन और मलबा खिसकने की घटनाओं में 6 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए। इन घटनाओं का सबसे ज्यादा असर सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगढ़, सतारा और पुणे के पहाड़ी इलाकों में देखने को मिला।पेड़ गिरने की घटनाओं में 6 लोगों की जान गई, जबकि बाढ़ के कारण 2 लोगों की मौत हुई।

हाल की घटनाओं में मुंबई उपनगर में दीवार गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि रत्नागिरी में पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए।लगातार बारिश के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके चलते कई निचले इलाकों के गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए मध्यरात्रि तक रेड अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने लोगों को समुद्र तट के पास होने वाली सभी मनोरंजक गतिविधियां पूरी तरह बंद रखने की सलाह दी है। साथ ही छोटी मछली पकड़ने वाली नौकाओं और व्यावसायिक नावों को भी समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

पश्चिम रेलवे ने 9 जुलाई को मानसून की स्थिति को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है। रेलवे के अनुसार, पश्चिम रेलवे मार्ग पर फिलहाल हल्की और छिटपुट बारिश हो रही है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट, जबकि पालघर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

रेलवे के मुताबिक, उपनगरीय रेल मार्ग पर कहीं भी जलभराव नहीं है और किसी भी सेक्शन में स्पीड प्रतिबंध (Caution Order) लागू नहीं किया गया है। सभी रेलवे पुलों के नीचे पानी का स्तर भी खतरे के निशान से नीचे है। गुरुवार सुबह 7:00 बजे 3।49 मीटर और शाम 6:09 बजे 3.62 मीटर ऊंची ज्वार (हाई टाइड) आने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा, नालासोपारा और वसई रोड स्टेशनों के पास ट्रैक ऊंचा करने का कार्य प्रस्तावित है। साथ ही कुछ डी-वॉटरिंग पंपों की मरम्मत का काम भी जारी है। पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं पूरी तरह सामान्य और सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।



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