तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। एआईएडीएमके के भीतरखाने चल रही कलह खुलकर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी दो गुटों में बंटती दिख रही है। एआईएडीएमके नेता सीवी शनमुगम ने 13 मई होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन का ऐलान किया है।
एआईएडीएमके नेता सीवी शनमुगम ने कहा, ‘हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। लोगों का जनादेश टीवीके के लिए नहीं है, यह विजय को मुख्यमंत्री बनने के लिए है। हम मुख्यमंत्री विजय को बधाई देते हैं और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को अपना समर्थन देते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमने डीएमके के विरोध में इस पार्टी की स्थापना की थी। 53 वर्षों से हमारी राजनीति डीएमके के खिलाफ रही है। इस इतिहास को देखते हुए, डीएमके के समर्थन से एआईएडीएमके सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम डीएमके के साथ गठबंधन करते, तो AIADMK का अस्तित्व खत्म हो जाता।
उन्होंने इस स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वर्तमान में हम बिना किसी गठबंधन के हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को पुनर्जीवित और मजबूत करने पर होना चाहिए। इसलिए हमने टीवीके को अपना समर्थन देने का फैसला लिया, जिसने जीत दर्ज की है।’
तमिलनाडु में किस दल को कितनी सीटें मिलीं?
टीवीके विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं। विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है। उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी। टीवीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं। इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है। वहीं अगर विपक्ष की बात करें तो DMK ने 59, AIADMK ने 47 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा बीजेपी एक सीट पर ही जीत सकी।
