पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार रुपा गांगुली के समर्थन में रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऊपर निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उन्हें सत्ता से हटाया जाए।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल में “गुंडाराज” और “सिंडिकेट राज” चल रहा है और बीजेपी के सत्ता में आते ही यह खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप लेकर आई है।
वहीं, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह पर ममता बनर्जी का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शाह ने “ऐ दीदी” कहकर संबोधित किया, वह महिलाओं के प्रति भाजपा की सोच को दिखाता है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पिछली बार की तरह इस बार भी बीजेपी को बड़ा नुकसान होगा और पार्टी 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को हो रहे हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में दोनों प्रमुख दल बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगाकर माहौल को और गर्म कर रहे हैं। यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव और जनमत की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों के समर्थन में एक भव्य रोड शो किया। इस रोड शो में ममता बनर्जी ने कैरी रोड से शंकर मठ तक लगभग दो किलोमीटर का सफर तय किया। यह इलाका राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय ‘नबान्न’ के बेहद करीब है, जिससे इस कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग तृणमूल के झंडे और बैनर लेकर खड़े नजर आए, जबकि कई लोगों ने घरों की छतों और बालकनी से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान तृणमूल उम्मीदवार और सांसद Prasun Banerjee भी उनके साथ मौजूद रहे। चुनावी कार्यक्रम के लिहाज से यह रोड शो अहम माना जा रहा है, क्योंकि हावड़ा सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है। राज्य की 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में हो रहे हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
बंगाल में एक तरफ जहां बीजेपी और तृणमूल के बीच तीखा राजनीतिक मुकाबला जारी है, वहीं ऐसे रोड शो के जरिए दोनों दल अपनी ताकत दिखाने और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
