जेवर एयरपोर्ट की वजह से जमीन की बढ़ी मांग, जमीन अधिग्रहण और विकास पर फोकस

ग्रेटर नोएडा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार (वर्चुअल) और सीईओ एनजी रवि कुमार की मौजूदगी में हुई 143वीं बोर्ड बैठक कई मायने में खास रही है। वित्तीय वर्ष में 2026-27 में 6048 करोड़ रुपये की आमदनी और इतनी ही धनराशि के खर्च होने का अनुमान है। इस साल जमीन अधिग्रहण, ग्रामीण विकास एवं निर्माण कार्यों पर अधिक जोर रहेगा, जिस पर करीब 5294 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।

सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि शहर में पिछले कुछ सालों में औद्योगिक निवेशकों का रुझान शहर में तेजी से बढ़ा है। निवेशक उद्योग लगाने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण लगातार प्रयासरत है। 2026-27 के बजट में जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक जोर दिया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण पर करीब 1150 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही निर्माण व विकास कार्यों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 2176 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

फुटओवर ब्रिज का निर्माण, एसटीपी, विद्युत सबस्टेशन, नए कॉलेजों का निर्माण, वेंडर मार्केट, क्योस्क का निर्माण, एसटीपी, कासना-सूरजपुर का पुनर्विकास, बस शेल्टर, गंगाजल का अवशेष कार्य आदि इन कार्यों में शामिल हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पूंजीगत भुगतान पर 778 करोड़ रुपये खर्च करने का आकलन है। यह रकम सेक्टरों में मल्टीपरपज हॉल व सामुदायिक केंद्र का निर्माण, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रेल, जेवर एयरपोर्ट में अंशदान आदि पर खर्च करने का लक्ष्य है।

प्राधिकरण ने ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्ग मीटर एरिया तक के बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत दे दी है। बैठक में बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए बकाया प्रीमियम व लीज डीड के विलंब शुल्क के ब्याज पर राहत देने लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी गई है। यह ओटीएस कार्यालय आदेश जारी होने की तिथि से छह माह के लिए लागू होगी। प्रीमियम की बकाया धनराशि और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। साथ ही प्रीमियम के डिफॉल्ट धनराशि पर दंड ब्याज नहीं लगेगा।

बोर्ड बैठक में परिसंपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं। इस बार सभी तरह की संपत्तियों के मौजूदा आवंटन दरों में 3।58 फीसदी की मामूली वृद्धि की गई है। कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के आधार पर यह वृद्धि की गई है। सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों को प्रचलित आवासीय दरों पर ही भू-आवंटन किया जाएगा।

परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट और पी-3 गोलचक्कर और उसके आसपास के एरिया को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पहल की है। प्राधिकरण आईआईटी दिल्ली को हायर करने जा रहा है, ताकि परी चौक से एलजी चौक और नॉलेज पार्क एरिया तक ट्रैफिक के पूर्ण समाधान का प्लान तैयार किया जा सके। संस्था डिजाइन तैयार करेगी और कॉन्ट्रैक्टर का चयन करने के लिए आरएफपी तैयार करेगी। साथ ही निर्माण के दौरान आईआईटी दिल्ली ही प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग भी करेगी।

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इकाइयों के लिए भरपूर बिजली उपलब्ध हो सकेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टर ईकोटेक-10 में उद्योगों के लिए 220 केवी सबस्टेषन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 8945 वर्ग मीटर जमीन आरक्षित की गई है।

पहली बार प्राधिकरण 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूर कर लिया है। दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की खरीद पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से बहुमंजिला इमारतों में आगजनी की घटना से निपटने में सहूलियत होगी।

एनडीआरफ के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए स्थित बहुमंजिला इमारत में 20 एलआईजी व 10 एमआईजी फ्लैट किराए पर देने की अनुमति प्रदान कर दी है। पूर्व में इसी परियोजना में सीआईएसएफ को भी 467 रिक्त फ्लैट किराए पर दिए गए हैं।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर टेकजोन में मेघालय भवन बनने का रास्ता साफ हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मेघालय सरकार को 8000 वर्ग मीटर जमीन आवंटित करने पर मुहर लगा दी है। मेघालय सरकार ने अपने अधिकारियों, कर्मचारियों और निवासी आगंतुकों के लिए एनसीआर में आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी।

First Published on: May 3, 2026 5:58 PM
Exit mobile version