जिन्ना को याद करने वाले सिर्फ परिवारवाद तक सीमित रह गए हैं : जेपी नड्डा

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कानपुर Updated On :

कानपुर। भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कानपुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जिन्ना को याद करने वाले सिर्फ परिवारवाद तक सीमित रह गए हैं।’

नड्डा ने यहां निराला नगर के रेलवे मैदान में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘ जिन्ना को याद करने वाले सिर्फ परिवारवाद तक ही सीमित रह गए हैं। उन्हें प्रदेश के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे लोगों को चुनाव में जवाब देना राष्ट्रवादी ताकतों का काम होता है, इसे हम सबको याद रखना होगा।’

उल्लेखनीय है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को हरदोई में एक सभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने आजादी की लड़ाई में पटेल, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू के योगदान के क्रम में ही मोहम्‍मद अली जिन्ना का भी नाम लिया था। इसके बाद भाजपा ने इसे मुद्दा बनाकर अखिलेश की घेराबंदी शुरू कर दी।

 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हम कहते थे कि राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे तो विरोधी पार्टी वाले पूछते थे कि कब आएंगे, कब बनाएंगे। एक तो वो रुकावट डालते थे और फिर हम पर कटाक्ष करते थे।’

उन्होंने कहा, ‘ हम बोलते हैं-हम आ गए हैं, प्रधानमंत्री जी ने भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है, विरोधी पार्टी के लोगों से कहना चाहता हूं – अब तुम भी आओ, माथा टेको और आगे बढ़ो।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘जब अंधेरा छंटता है तो उजाला होता है लेकिन अगर उजाले का सुख लेना है तो अंधेरे को याद रखना होता है।’

भाजपा कार्यकर्ताओं को अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत का मंत्र देते हुए नड्डा ने संगठन की शक्ति बढ़ाने और हर कार्यकर्ता को अहमियत दिए जाने पर जोर दिया।

पार्टी के सांगठनिक कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कानपुर नगर, कानपुर देहात, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, महोबा, औरैया, फतेहपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, जालौन और इटावा जिले आते हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पैतृक जिले इटावा के साथ ही यह पूरा क्षेत्र यादव परिवार के प्रभाव वाला रहा है।

हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र की 52 विधानसभा सीट में भाजपा ने 47 सीट जीती थीं। भाजपा को 2017 में राज्य विधानसभा की 403 सीट में से सहयोगी दलों समेत 325 सीट पर जीत मिली थी और 2022 के लिए भी पार्टी ने 300 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य दिया है।

उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नड्डा ने सोमवार को गोरखपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों को चुनाव में विजय हासिल करने का पाठ पढ़ाया और आज कानपुर में उन्होंने खूब नसीहत दी।

भाजपा अध्यक्ष ने केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कार्यकर्ताओं को योजनाओं की जानकारी और कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की भी जानकारी दी।

उन्होंने कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और सपा पर निशाना साधा लेकिन खासतौर पर सपा पर हमला करते हुए दावा किया, ‘सपा की सरकार में माफिया राज, गुंडागर्दी थी लेकिन आज दूर-दूर तक इसमें कोई दिखाई नहीं देता है। उत्तर प्रदेश में सभी जगहों पर कानून व्यवस्था का राज है।’

नड्डा ने कहा कि किसानों के नाम पर लंबे समय तक राजनीति की गई लेकिन किसानों का भला नहीं किया गया, सिर्फ प्रधानमंत्री ने किसानों का भला किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आते ही किसानों का कर्ज माफ करने की बात करने लगती है लेकिन यह ‘‘ऊंट के मुंह में जीरा’’ के बराबर किया जाता है। नड्डा ने भाजपा सरकार में वादे पूरे किए जाने और किसानों के हित में लागू की गई योजनाओं का भी ब्योरा दिया।