लखनऊ अग्निकांड: 15 लोगों को निगल गई आग, किसी की थी शादी, कोई घर का इकलौता चिराग

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार (22 जून) को एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हुई है। हादसे में कई अन्य घायल हो गए है। घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार घायल हुए हैं।

इस भयंकर आग ने 15 लोगों को तो निगल लिया, लेकिन इसमें जान गंवाने वाले लोगों में किसी की शादी होने वाली थी, या फिर कोई घर का इकलौता चिराग था।

हादसे में जान गंवाने वाले नीलेश और अनामिका की इसी साल दिसंबर में शादी होने वाली थी। वे दोनों एक साथ काम करते थे, लेकिन उनकी शादी से पहले मौत की खबर आई। अनामिका और नीलेश दोनों की मौत हो गई है। इस हादसे ने कई परिवारों की दुनिया खत्म कर दी है। हादसे में घर के इकलौते कमाने वाले अब्दुल रहमान ने भी दुनिया से अलविदा कह दिया। वे अपने घर में सिर्फ अकेले कमाने वाले थे। जिनकी मौत से परिवार संकट में आ गया है।

इस हादसे में घर के इकलौते बेटे अब्दुल रहमान की भी मौत हुई। अब्दुल रहमान घर में अपने मां-बाप के साथ रहते थे। जो उनके दोस्त के मुताबिक वे आईटी टेक्नीशियन थे। लंबे समय तक नौकरी खोजने के बाद वे यहां काम कर रहे थे। उनकी मौत के वक्त उनकी मां और पिता की तबीयत खराब थी जिसकी वजह से वे दोनों पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेजे गए शव को लेने के लिए नहीं पहुंच सके।

अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला भवन में दोपहर बाद अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद इमारत में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।

हादसे में मृतकों और घायलों के नाम सामने आए हैं। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुच्छा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज, शहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार, और सुमल्या शामिल हैं।

घायलों को केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना में असमय जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है। सरकार द्वारा इस हादसे को लेकर लगातार एक्शन लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घटना के उच्च स्तरीय जांच की है।

राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बचाव दल ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी रास्ते से कई शवों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, भवन की पूरी तलाशी ली जा चुकी है और अब वहां किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है।

इस हादसे के बाद प्रशासन बेहद सख्त दिखाई दे रहा है। घटना के बाद बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, पेट शॉप मालिक राम कृ्ष्ण उपाध्याय और एनीमेशन कोचिंग संचालक तूशॉक कृष्णा जायसवाल पुलिस गिरफ्त में हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार चार अधिकारियों पर गाज गिरी है। जिनको तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद 2 सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया गया है, जो मामले पूरी जांच कर 7 दिन में मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।

इस घटना में महिला चश्मदीद लवप्रीत गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं। उन्होंने बताया कि आग के विकराल रूप लेने के बाद बिल्डिंग के अंदर भीषण धुआं फैल गया था।दम घुटने से बचने के लिए कहां जाएं कोई समझ नहीं पा रहा था। उन्होंने बताया कि छत की तरफ भागने की कोशिश की, लेकिन कहीं से रास्ता न मिलने की वजह से तार पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश की। जिसके बाद वह नीचे गिर गईं। फिलहाल लवप्रीत अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनके पैर में चोट लगने की वजह से इलाज चल रहा है।

First Published on: June 23, 2026 10:02 AM
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