वॉशिंगटन। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद दिवंगत रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की पत्नी एरिका किर्क ने पार्टी समर्थकों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने अपने पति की विचारधारा और उनके द्वारा खड़े किए गए संगठन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराते हुए समर्थकों से एकजुट रहने की अपील की।
एरिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा अपने संदेश में कहा कि चार्ली किर्क का टर्निंग पॉइंट एक्शन को लेकर दृष्टिकोण किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं था। वह ऐसा संगठन बनाना चाहते थे, जो सालभर सक्रिय रहे और हर चुनाव में जीत तथा हार दोनों परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार हो।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त और रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान पर प्रतिक्रिया देते हुए एरिका ने कहा कि महंगाई, पेट्रोल, किराने के सामान और आवास की बढ़ती कीमतों ने मतदाताओं की चिंताएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में तेजी का आम लोगों के लिए बहुत अधिक महत्व नहीं है, जब वे अपने परिवार का खर्च चलाने और बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हों।
उन्होंने समाजवादी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आर्थिक शक्ति सरकार के हाथों में केंद्रित करने के बजाय लोगों को अपनी समृद्धि बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अर्थव्यवस्था और ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी नागरिकों में गहरी चिंता है।
एरिका ने रिपब्लिकन समर्थकों को आपसी मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मतदाता ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे, जो उनकी समस्याओं को समझने के साथ उनके परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
अपने पति को याद करते हुए एरिका ने कहा कि चार्ली हमेशा मुश्किल समय में सकारात्मक रहने, विश्वास बनाए रखने और दोबारा काम में जुट जाने की सलाह देते थे। उन्होंने कहा कि टर्निंग पॉइंट में भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ा जा रहा है।
एरिका ने बताया कि संगठन अगले दो वर्षों तक चुनावी नतीजों का विश्लेषण करेगा, समुदायों से संवाद बढ़ाएगा और जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करेगा। इसका लक्ष्य 2028 के राष्ट्रपति चुनाव और उसके बाद के राजनीतिक मुकाबलों के लिए संगठन को तैयार करना है।
गौरतलब है कि चार्ली किर्क टर्निंग पॉइंट यूएसए के संस्थापक थे। 10 सितंबर 2025 को यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी मृत्यु के बाद एरिका किर्क संगठन की विचारधारा और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
