ईरान के साथ जारी जंग और होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नेवी चीफ जॉन फेलन को पद से हटा दिया है। पेंटागन ने बुधवार (23 अप्रैल, 2026) कंफर्म करते हुए कहा कि नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन तत्काल प्रभाव से ट्रंप प्रशासन को छोड़ रहे हैं।
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बयान में कहा, ‘नेवी सेक्रेटरी जॉन सी। फेलन तत्काल प्रभाव से प्रशासन से विदा ले रहे हैं। वॉर सेक्रेटरी और डिप्टी वॉर सेक्रेटरी की ओर से हम नेवी सेक्रेटरी फेलन को विभाग और अमेरिकन नेवी के प्रति उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद देते हैं। हम उनके भविष्य के प्रयासों में सफलता की कामना करते हैं।’
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, फेलन को उनके पद से हटाने का फैसला रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और उप रक्षा सचिव स्टीफन फेनबर्ग के साथ महीनों से चल रहे बढ़ते तनाव के बाद लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रबंधन शैली, कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी फैसलों और नेवी के संकटग्रस्त जहाज निर्माण कार्यक्रम को सुधारने के तरीकों को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे थे।
हेगसेथ और फेनबर्ग के साथ फेलन का जिन मुद्दों पर विवाद था, उनमें सबसे अहम मुद्दा ‘गोल्डन फ्लीट’ को लेकर था। NYT की रिपोर्ट के अनुसार, फेलन ने गोल्डन फ्लीट प्रोजेक्ट का जोरदार समर्थन किया था, जिसमें नए युद्धपोतों और एक नए ‘ट्रंप-क्लास’ एयरक्राफ्ट कैरियर पर भारी खर्च शामिल था, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि पेंटागन के नेता इस योजना को संभालने के उनके तरीके से खुश नहीं थे। नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य रूप से फेनबर्ग लगातार निराश होते जा रहे थे और उन्होंने परियोजना के कुछ हिस्सों को फेलन के हाथों से वापस लेना शुरू कर दिया था।
खबरों के मुताबिक, फेलन के अपने उप सचिव, अंडर सेक्रेटरी हंग काओ के साथ भी संबंध तनावपूर्ण थे। अधिकारियों ने बताया कि काओ, हेगसेथ के करीबी थे। खासकर उन सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर जिन्होंने रक्षा सचिव के कार्यकाल को काफी हद तक प्रभावित किया है। फेलन के जाने के बाद अब काओ के पदभार संभालने की उम्मीद है। इससे पहले हेगसेथ ने फेलन के चीफ ऑफ स्टाफ, जॉन हैरिसन को बर्खास्त कर दिया था।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने करीब 20 दिन पहले ही आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने अगस्त 2023 में पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका कार्यकाल चार साल का था, लेकिन उन्हें तीन साल में ही पद छोड़ना पड़ा। अभी उनकी नौकरी का एक साल बाकी था।
