पहाड़ी आदिवासी समुदाय एवं मैतई समुदाय के बीच का विभाजन बहुत पुराना, और जटिल है और इसे बहुत सावधानी से हल करने की आवश्यकता है। सरकार को अनुसूचित जनजाति की स्थिति तय करने…
एक विश्व नागरिक के तौर पर क्या हम एक बीमार समाज में परिवर्तित होते जा रहे हैं ? सर्वाधिक आबादी के मामले में अब दुनिया के पहले नंबर के देश के लोग धरती…
यदि जीवन में आनंद भरपूर है तो मजे की जरूरत नहीं रहती, लेकिन आनंद के अभाव में केवल मजे से बात नहीं बनती। आनंद के अभाव में जीवन अधूरा और अतृप्त ही रहेगा,…
इस हिन्दू उभार ने अनेक हिन्दू संगठनों को नव संजीवनी दी है या नए हिन्दू संगठनों को उभारने का अवसर भी दिया है। इसलिए ऐसे सभी हिन्दू संगठनों की सही पहचान प्रबुद्धजनों को…
काशी में तीर्थयात्रा की हजारों साल पुरानी परंपरा है। यहां सौ से अधिक प्रकार की तीर्थ यात्राएं होती हैं। लेकिन अधिकतर तीर्थयात्रियों का सरोकार यात्रा के धार्मिक पक्ष से ही होता है। तीर्थस्थलों…
कर्नाटक में बीजेपी की निर्णायक हार के साथ दक्षिण भारत से उसकी वापसी की शुरूआत हो सकती है। इससे भी ज्यादा अहम बात यह कि बीजेपी की हार से सड़कों और गलियों में…
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह कहना बिल्कुल वाजिब है कि हिंदू राष्ट्र की बात करने से खालिस्तान की मांग को शह मिलती है। अगर देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन लोग…
यह अफसोस की बात है कि इतिहास और राजनीति-शास्त्र के विद्वान भी अक्सर गंभीर समझदारी नहीं दिखा पाते। समाचारों के नाम पर दिन-रात उत्तेजना परोसने वाले चैनलों ने ही राजनीतिक विमर्श के स्तर…
22 से 23 मार्च के बीच संजय जी ने बोधगया में निरंजना-फल्गू पर्व का आयोजन किया था। इसमें बोधगया के बौद्ध मठों के साथ-साथ वहां का प्रबुद्ध समाज मेजबान की भूमिका में था।
कर्पूरी ठाकुर अति पिछड़ी जाति से थे। फिर भी उन्होंने अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक हैसियत बनाई। कर्पूरी ठाकुर स्वतंत्रता आंदोलन और समाजवादी आंदोलन की संतान थे। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत हमेशा…
सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला और भारत के कानून मंत्री किरन रिजिजू और माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ जारी उसका वाक-युद्ध एकबार फिर से राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को चर्चा और…
ट्रेन जब चली तो मुझे पता चला कि अब मेरा फोन मेरे पास नहीं है। तुरंत मुझे कोतवाल की याद आई, लेकिन दिल्ली के नहीं, काशी के कोतवाल की।
शिक्षा-जगत से संबंधित भारत का अग्रणी स्वयंसेवी संगठन प्रथम इस बीच कई किस्म की किताबें ले आया है और प्रथम ने किताबों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की कोशिश की है।
कौन थे ऐसे नागरिक-सहयात्री जो कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ उस विमान में रायपुर तक यात्रा करने की जोखिम उठा रहे थे ?
लोकोत्सव के आयोजन में महाराष्ट्र सरकार ने भी पूरे मनोयोग से साथ दिया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस आयोजन में व्यक्तिगत रुचि ली। सड़क, बिजली, पानी, कानून व्यवस्था के…
चेन्नई के जमावड़े में एक बात यह भी उभर कर आई कि अगर स्टालिन विपक्षी एकता का प्रयास करते हैं तो वे सफल हो सकते हैं। उनके कार्यक्रम में शामिल विपक्षी नेताओं ने…
सीबीआई मनीष सिसोदिया के आवास पर छापा मारकर अपनी जरूरत की चीजें कब्जे में ले चुकी थी। जाहिर है, फिर इस बात का खतरा नहीं था कि सबूत मिटा दिए जाएंगे। इस बात…
हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है? हमें लोकतंत्र को महत्व क्यों देना चाहिए? हम राष्ट्रीय गौरव से कैसे संबंधित हैं? क्या अल्पसंख्यक अधिकार एक अच्छा विचार है? धर्मनिरपेक्षता से हमारा क्या तात्पर्य है?…
बी.बी.सी. ने पहली बार खबर दी कि पूरे उत्तर भारत में कांग्रेस हार रही है और खुद संजय गांधी और इंदिरा गांधी भी अपने चुनाव क्षेत्र में पिछड़ रहे हैं। बी.बी.सी. ने ही…
उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्ते छुपे नहीं हैं। वर्ष 2000 में मोदी जी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले अडानी की कुल सम्पत्ति 3300 करोड़ रुपए थी। मोदी जी के मुख्यमंत्री…
कनेरी गांव में श्रीक्षेत्र सिद्धगिरि मठ की ओर से जो पंचमहाभूत लोकोत्सव आयोजित हो रहा है, वह महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोआ की एक बड़ी घटना है।
कोल्हापुर पहुंचकर जब मैंने अपने फ्लैट का दरवाजा खोला तो उसी सुख की अनुभूति हुई जो लंबी यात्रा के बाद अपने घर पहुंचने पर होती है। सच कहूं तो मेरे अब तीन घर…
यदि कांग्रेस ने अपने आंतरिक चुनाव के लिए गांधी मसौदे की पालना तय कर ली होती तो तय मानिए कि आज किसी भी दल द्वारा जनप्रतिनिधि सभाओं हेतु टिकटों के बंटवारे के तौर-तरीके…
नार्थ कैंपस में करीब 20 साल पहले ही कॉफ़ी हाउस ख़त्म कर दिए गए थे। उन दिनों 'निरूला' का बहुत जोर था। अभी जहां दिल्ली विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की को-ऑपरेटिव कैंटीन है, वहां…
असर 2018 की रिपोर्ट बताती थी कि कक्षा 5 में पढऩे वाले बच्चों में से सिर्फ 51 प्रतिशत ही कक्षा 2 की साधारण पुस्तक का सरल सा पैरा भी पढ़ पाते थे। यह…