देश का संविधान तो 1949 में ही बन गया था और सन 1950 में इसे लागू कर दिया गया था। लेकिन संविधान दिवस मनाने की शुरुआत देरी से हुई। साल 2015 में संविधान…
राहुल प्रधानमंत्री को तो जनता के ‘मन की बात’ भी सुनने की चुनौती दे रहे हैं पर ख़ुद अपनी आधी यात्रा के बाद भी जनता के मन में उठ रहे सवाल का कोई…
इस लेख में सभी बातें दोहराव भर है. मैं 1991-92 से यह सब कहता आ रहा हूं. यह स्वाभाविक है कि कांग्रेस और आरएसएस/भाजपा को मेरी बातें पसंद नहीं आतीं. लेकिन ज्यादातर समाजवादी-सामाजिक…
जब दिमाग और दुनिया...दोनो का पारा चढ़ रहा हो, खुशियों की हरियाली घट रही हो और मन का रेगिस्तान बढ़ रहा हो तो किसी को आइना भी झूठ लग सकता है। किन्तु सच…
शिक्षा ही सामाजिक न्याय तथा समानता हासिल करने का एकमात्र व अचूक साधन है। समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा, जो अपने आप में एक परमावश्यक लक्ष्य है, एक समावेशी और न्यायसंगत समाज के लिए…
आंकडे इसकी गवाही देते हैं। पिछले चार साल के आंकड़ों को देखें तो कुल 1660 दिनों में खराब हवा के दिन 1440 रहे। फिर भी क्या दिल्ली ने खद कोई ऐसी व्यापक पहल…
सेना में नौजवानों की भर्ती की अग्निवीर योजना पर लोगों का गुस्सा सामने आने लगा. इस विषय में मैंने जब हिमाचल के कुछ अवकाश-प्राप्त फौजियों से चर्चा की तो वे इसके खिलाफ काफी…
किताबों की बात चल रही है तो हमें यह भी मालूम होना चाहिए कि देशी-विदेशी सभी किताबें हमारे ज्ञान के साथ-साथ ‘अज्ञान’ के ज्ञान को भी बढ़ाती हैं। इनकी मदद से हम जान…
ऑपरेशन के पूरे समय में पूरे भारत में एक भी सांप्रदायिक घटना नहीं हुई थी। हैदराबाद प्रकरण के तेजी से और सफलतापूर्वक समाप्त होने पर विश्वभर में हर्ष का माहौल था और देश…
धर्मनिरपेक्ष खेमे ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की बिसात बिछा कर एक तरफ नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशस्त कर दिया था, दूसरी तरफ केजरीवाल पर अपना दांव लगा दिया था। वह धर्मनिरपेक्ष…
अकबर खान ने लिखा है कि तत्कालीन भारतीय नेतृत्व द्वारा जम्मू-कश्मीर के भारत में अधिमिलन में की जा रही देरी के मद्देनज़र पाकिस्तानी प्रधानमंत्री लियाकत अली सहित शीर्ष राजनीतिक और अंग्रेजी सैन्य नेतृत्व…
आज जो कुछ देश में हो रहा है उसे भारत के स्वधर्म पर हमला कैसे कहा जा सकता है? इस लेख की पिछली 3 कडिय़ों में हमने यह देखा कि आज की परिस्थिति…
2018 में मैने अपने शरीर पर जो ढेर सारे प्रयोग किए, उसके पीछे दो किताबों की भी बड़ी भूमिका रही। पहली किताब का नाम है- ऐन्टी फ्रैजाइल। इसका लेखक नसीम निकोलस तालिब कहता…
गांधी के समकालीन और उत्तरवर्ती चिंतकों के चिंतन से अहिंसक सभ्यता की एक रूपरेखा बनती है। लेकिन यह अफसोस की बात है कि रूस-उक्रेन युद्ध को लेकर चलने वाली समस्त बहस में उस…
रूस-उक्रेन युद्ध के खिलाफ पहले दिन से रूस सहित दुनिया के कई बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर स्वत:स्फूर्त नागरिक प्रतिरोध हुए हैं। लेकिन युद्ध के इर्द-गिर्द चलने वाले तेज घटनाक्रमों के बीच…
रूस-यूक्रेन युद्ध आठवें महीने में प्रवेश कर अभी तक का भीषणतम रूप ले चुका है। यूक्रेन के चार प्रांतों कोरूस ने अपनी तरफ से जनमत संग्रह करा कर औपचारिक रूप से रूसी…
जून 1974 में इलाहाबाद के टंडन पार्क में ‘सम्पूर्ण क्रांति’ आंदोलन के समर्थन में आयोजित हुई छात्रों की विशाल सभा में बहत्तर-वर्षीय जेपी ने मूसलाधार बरसात के बीच भी अपने उद्बोधन को जारी…
किसी देश की यात्रा को जांचने-परखने का पैमाना उसका स्वधर्म ही हो सकता है। पहले धर्म और स्वधर्म की व्याख्या के बाद लेख की पिछली कड़ी इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि भारत…
इस सिलसिले की आखिरी बात यह कि यह यात्रा सिर्फ कांग्रेसजन की यात्रा नहीं है। भारत जोड़ो यात्रा को ऐसे कई जन-आंदोलनों और संगठनों, जन-बुद्धिजीवियों तथा गणमान्य नागरिकों का समर्थन हासिल है जिनका…
कहने का मतलब यह कि अगले दो वर्षों में हमें विचार और सूचनाओं का परागण करते हुए संसाधन रूपी मधु इकट्ठी करनी है। इसके लिए हमें तिरहुतीपुर से बाहर निकलना होगा। इन दो…
दुनिया भर की प्रगतिशील ताकतों को सभी साम्राज्यवादी हमलों व युद्धों के खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा, अपने खुद के संदर्भों में सर्वसत्तावादी ताकतों का प्रतिरोध करना होगा और इक्कीसवीं सदी में समाजवाद की…
महात्मा गांधी का विचार और उनकी ज़रूरत वर्तमान की विभाजनकारी राजनीति के लिए चरखे के बजाय मशीनी खादी से बुनी गई ऐसी नक़ाब हो गई है जिसके पीछे उनकी सहिष्णुता ,अहिंसा और लोकतंत्र…
वर्ष 1998 में सीताराम केसरी की जगह सोनिया गांधी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया था ।तभी से यह पद बिना किसी चुनाव के सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बीच बंटता रहा है।
देशधर्म का कालखंड राज्य सत्ता के युग परिवर्तन से परिभाषित होता है। औपनिवेशिक भारत का युगधर्म अलग था, स्वतन्त्र भारतीय गणतंत्र का युगधर्म अलग है।
नेताजी को हिंसा के दायरे में खींचने की आरएसएस/भाजपा की कवायद के वास्तविक निहितार्थ को समझने की जरूरत है। स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में नेताजी एक बड़ा नाम हैं। जनमानस में उनकी गहरी…