इसी 15 अगस्त को भारत को आजाद हुए 75 साल हो जाएंगे लेकिन क्या वाकई हम मानसिक रूप से आजाद हो पाए हैं, यह सोचने की बात है।
संपूर्ण भारत में आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। चूंकि, महिलाएं भी भारत में आधी–आबादी के नाम से जानी जाती हैं तो…
नीतीश कुमार यह भली-भांति जानते हैं कि केंद्र की सत्ता से बीजेपी को हटाना बहुत मुश्किल काम है. इसमें नीतीश कुमार की क्या भूमिका होगी यह स्पष्ट नहीं है.
स्वतंत्रता के समय भारत विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2021 में, यह उसी स्थिति को बरकरार रखा है, जो भारत की जनसंख्या चौगुनी से अधिक होने के साथ कोई मामूली उपलब्धि…
जैविक विकास के क्रम में मनुष्य वर्तमान के पार जाकर भविष्य के बारे में सोचना सीख गया है, लेकिन अभी भी वह इस कार्य में सहज नहीं है। जब वह दूर की सोचता…
1990 के दशक में सरकार ने उदारीकरण तथा भूमंडलीकरण के तहत नई-आर्थिक-नीतियाँ लागू कीं । बाजार को खुली छूट दी जाने लगी जिसके कारण विदेशी वस्तुओं का बाजार में भरमार होने लगी। देशी…
4 जुलाई को हमें प्राकृतिक कृषि का सफल प्रकल्प देखने के लिए तुमकुर जिले में स्थित गाँधीयन स्कूल ऑफ नेचुरल फार्मिंग ले जाया गया। वहां से लौटते हुए हमने बेंगलुरु का प्रसिद्ध इस्कान…
शहर का सीधा मतलब है उपभोग की अधिकता। वहीं गांव का मतलब है उपभोग की न्यूनता। यह न्यूनता जब संस्कृति और संयम से आए तो अच्छा और वही जब अभाव में आए तो…
अतीत में भारत सहित दुनिया भर की सभ्यताओं में भवन को इस प्रकार बनाया जाता था कि वह गर्मी में ठंडा और ठंडी में गर्म रहे। हमारे गांवों में मिट्टी के घर यह…
जल्दी ही तिरहुतीपुर में ग्रामयुग का 3 एकड़ में एक परिसर बनने वाला है। यहां ग्रामीणों के शिक्षण, प्रशिक्षण और संस्कार से जुड़ी कई सुविधाएं होंगी। यह परिसर देश भर में ग्रामयुग के…
परंपरागत बाढ़ क्षेत्रों में बाढ़ अनुकूल फसलों का ज्ञान व उपजाने में सहयोग देना। बादल फटने की घटना वाले संभावित इलाकों में जल संरचना ढांचों को पूरी तरह पुख्ता बनाना। यही उपाय हैं।…
अतीत में जिस तरह मैं दिल्ली में लोगों से आए दिन मिल लिया करता था, वह अब संभव नहीं था क्योंकि भविष्य में मेरा अधिकतर समय दिल्ली नहीं बल्कि तिरहुतीपुर में बीतेगा। इसलिए…
बहुत पहले कभी द्रोणाचार्य ने भी इसी तरह का प्रयोग किया था जब उन्होंने धनुष बाण देकर अपने शिष्यों को चिड़िया की आंख भेदने के लिए कहा था। लक्ष्य भेदन के समय अर्जुन…
रामरेखा की सफलता से प्रेरित होकर अब वे निरंजना (फल्गू) नदी को सदानीरा बनाने के काम में लगे हुए हैं। बता दें कि निरंजना (फल्गू) वही नदी है जिसके किनारे भगवान बुद्ध को…
सुरक्षा प्रतिष्ठान के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि शनिवार को भी जारी हिंसक विरोध स्वतःस्फूर्त नहीं था क्योंकि उन्हें ऐसे लिंक मिले हैं जो साबित करते हैं कि लोगों को सड़कों पर आने…
ग्रामयुग और मिशन तिरहुतीपुर एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली वैचारिक मुहिम है जबकि दूसरी स्थानीय स्तर पर लागू की जा रही ठोस कार्य योजना है।…
स्टॉकहोम सम्मेलन के 50 साल पूरे होने पर यह वर्ष एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. स्वीडन विश्व पर्यावरण दिवस, 2022 का मेजबान देश है, जिसका विषय 'केवल एक पृथ्वी' है - प्रकृति…
गांव में रहते हुए स्वयं को होम कर दूं या बाहर जाकर और ताकत जुटाऊं, इस बारे में अंतिम निर्णय लेने के पहले मैंने इतिहास की एक और घटना पर मनन किया। यह…
मानव जाति के संरक्षण के लिए पर्यावरण की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। दिन-प्रतिदिन दूषित होते पर्यावरण की रक्षा एवं इसके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रति वर्ष 5…
डॉ. लोहिया की चेतावनी थी कि हिंदू धर्म की कट्टरवादी धारा के वाहक अगर जीत जाएंगे तो भारतीय राष्ट्र के टुकड़े कर देंगे। आज की सांप्रदायिक ताकतों ने भारतीय राष्ट्र को अंदर से…
तंबाकू सेवन से हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की अकाल मौत होती है। इनमें से 7 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष तंबाकू के उपयोग करने के कारण मृत्यु को प्राप्त होते हैं,…
मनुष्य का शरीर पंचभूत से निर्मित है। पंचभूत में पांच तत्त्व आकाश, वायु, अग्नि, जल एवं पृथ्वी सम्मिलित है। सभी प्राणियों के लिए जल अति आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी को जीवित रहने के…
जिस स्वरूप के राष्ट्र-निर्माण की पीड़ा या प्रक्रिया से हम गुज़र रहे हैं उसमें तानाशाही सर्वहारा की नहीं बल्कि धर्म की स्थापित होने वाली है।इस्लामी राष्ट्रों में उपस्थित एक धर्म विशेष के साम्राज्य…
पूरे संघ परिवार ने स्वीकार कर लिया है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का कमल मोदी के नेतृत्व में भ्रष्ट और अश्लील पूंजीवाद के कीचड़ में खिलता है। यह वही आरएसएस/भाजपा हैं जिन्होंने दिवंगत मोहम्मद…
समान नागरिक संहिता को लेकर देशभर में एक बार फिर से बहस जारी है। देश में समान नागरिक संहिता को लागू करने की बात बार-बार उठती रही है, परन्तु इस पर विवाद होने के पश्चात…