रामरेखा की सफलता से प्रेरित होकर अब वे निरंजना (फल्गू) नदी को सदानीरा बनाने के काम में लगे हुए हैं। बता दें कि निरंजना (फल्गू) वही नदी है जिसके किनारे भगवान बुद्ध को…
सुरक्षा प्रतिष्ठान के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि शनिवार को भी जारी हिंसक विरोध स्वतःस्फूर्त नहीं था क्योंकि उन्हें ऐसे लिंक मिले हैं जो साबित करते हैं कि लोगों को सड़कों पर आने…
ग्रामयुग और मिशन तिरहुतीपुर एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली वैचारिक मुहिम है जबकि दूसरी स्थानीय स्तर पर लागू की जा रही ठोस कार्य योजना है।…
स्टॉकहोम सम्मेलन के 50 साल पूरे होने पर यह वर्ष एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. स्वीडन विश्व पर्यावरण दिवस, 2022 का मेजबान देश है, जिसका विषय 'केवल एक पृथ्वी' है - प्रकृति…
गांव में रहते हुए स्वयं को होम कर दूं या बाहर जाकर और ताकत जुटाऊं, इस बारे में अंतिम निर्णय लेने के पहले मैंने इतिहास की एक और घटना पर मनन किया। यह…
मानव जाति के संरक्षण के लिए पर्यावरण की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। दिन-प्रतिदिन दूषित होते पर्यावरण की रक्षा एवं इसके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रति वर्ष 5…
डॉ. लोहिया की चेतावनी थी कि हिंदू धर्म की कट्टरवादी धारा के वाहक अगर जीत जाएंगे तो भारतीय राष्ट्र के टुकड़े कर देंगे। आज की सांप्रदायिक ताकतों ने भारतीय राष्ट्र को अंदर से…
तंबाकू सेवन से हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की अकाल मौत होती है। इनमें से 7 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष तंबाकू के उपयोग करने के कारण मृत्यु को प्राप्त होते हैं,…
मनुष्य का शरीर पंचभूत से निर्मित है। पंचभूत में पांच तत्त्व आकाश, वायु, अग्नि, जल एवं पृथ्वी सम्मिलित है। सभी प्राणियों के लिए जल अति आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी को जीवित रहने के…
जिस स्वरूप के राष्ट्र-निर्माण की पीड़ा या प्रक्रिया से हम गुज़र रहे हैं उसमें तानाशाही सर्वहारा की नहीं बल्कि धर्म की स्थापित होने वाली है।इस्लामी राष्ट्रों में उपस्थित एक धर्म विशेष के साम्राज्य…
पूरे संघ परिवार ने स्वीकार कर लिया है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का कमल मोदी के नेतृत्व में भ्रष्ट और अश्लील पूंजीवाद के कीचड़ में खिलता है। यह वही आरएसएस/भाजपा हैं जिन्होंने दिवंगत मोहम्मद…
समान नागरिक संहिता को लेकर देशभर में एक बार फिर से बहस जारी है। देश में समान नागरिक संहिता को लागू करने की बात बार-बार उठती रही है, परन्तु इस पर विवाद होने के पश्चात…
संयुक्त परिवार टूटने के कारण एकल परिवार बढ़ते जा रहे हैं. एकल परिवारों के कारण संबंध टूट रहे हैं. संयुक्त परिवारों में बहुत से रिश्ते होते थे. दादा-दादी, ताया-ताई, चाचा-चाची, बुआ-फूफा, नाना-नानी, मामा-मामी, मौसी-मौसा तथा उनके बच्चे अर्थात बहुत से भाई-बहन. बच्चे बचपन…
कोई पंद्रह-सत्रह साल पहले के ‘वायब्रंट गुजरात’ के भव्य आयोजन का स्मरण होता है. मोदी तब मुख्यमंत्री थे. मंच पर देश के तमाम उद्योगपतियों का जमावड़ा था. जो उद्योगपति आज शीर्ष पर हैं…
वर्तमान प्रधानमंत्री जब एक विदेशी ज़मीन पर अपने ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री का बग़ैर नाम लिए मज़ाक़ उड़ा रहे थे उनके सामने बैठे हुए भारतीय मूल के हज़ार से अधिक सम्भ्रांत नागरिक…
सेवा-निवृत्त नौकरशाहों, राजनयिकों, विधिवेत्ताओं और सशस्त्र सेनाओं के पूर्व प्रमुखों की चिंताओं के विपरीत जो लोग सत्ता के नज़दीक हैं उनका मानना है कि नफ़रत की राजनीति के आरोप अगर वास्तव में सही…
जिस परिदृश्य की यहाँ बात की जा रही है वह चौंकाने वाला ज़रूर नज़र आ सकता है पर उसके घट जाने को इसलिए असम्भव नहीं समझा जाना चाहिए कि दुनिया के देखते ही…
अख़बारों ने खबर के साथ जो चित्र प्रकाशित किया उसमें सरकारी योजना के तहत बने मकान की दीवार पर ‘’यह मकान बिकाऊ है’’ की सूचना के साथ सम्पर्क के लिए एक मोबाइल नम्बर…
निर्देशक विनोद कापड़ी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्विटर पर पूछते हैं कि वे गुजरात दंगों पर फिल्म बनाने जा रहे हैं, क्या प्रधानमंत्री प्रदर्शन की अनुमति देंगे? उनसे प्रतिप्रश्न है कि क्या…
सामाजिक समता एवं सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले डॉ. भीमराव आम्बेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ऊंच-नीच, भेदभाव एवं अस्पृश्यता…
भारत की महानता का दावा इसके बहुसंस्कृतिवाद के अपने अनोखे इतिहास में निहित है. ऐतिहासिक रूप से भारत दुनिया में सबसे विविध राष्ट्र रहा है और यही इसकी ताकत और पहचान भी रही…
आरएसएस की दो-धारी इच्छा है : एक, स्वतंत्रता आंदोलन की कुर्बानियों और मूल्यों को मिटाते जाना। दो, उपनिवेशवाद-पूर्व के ‘मुस्लिम-राज’ के अवशेषों को हमेशा के लिए मिटा देना। ऐसा करने में एक तरफ…
डॉ. अम्बेडकर कहा करते थे, “हम शुरू से लेकर अंत तक भारतीय हैं और मैं चाहता हूँ कि भारत का प्रत्येक मनुष्य भारतीय बने, अंत तक भारतीय रहे और भारतीय के अलावा कुछ…
बुंदेलखंड एवं मध्यप्रदेश में निवास करने वाली ‘बेड़िया-समुदाय’ की स्थिति कुछ और ही है। वैसे तो इस समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय चोरी/डकैती रहा है पर, धीरे-धीरे इन्होंने राई-नृत्य को अपना व्यवसाय बनाया ।…
माथुर साहब का जब निधन हुआ तो उनके घर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में राजीव गांधी भी थे। राजीव गांधी के चेहरे पर एक ईमानदार सम्पादक के असामयिक निधन को लेकर शोक…