25 जून को हमारे देश में इन्दिरा गाँधी सरकार द्वारा थोपे गये आपातकाल के 50 साल पूरे हो गये। आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर काँग्रेस सरकार द्वारा लगाये गए आपातकाल को…
यह लेख जवाहरलाल नेहरू पर है, क्रांतिकारी साथी इसमें मेरा दक्षिणपंथी भटकाव न खोजें, बल्कि एक वस्तुनिषठ विश्लेषण के रूप में पढ़ें। नेहरू क्रांतिकारी नहीं, सामाजिक जनतंत्रवादी थे। कई दिनों से मन सामाजिक…
आगामी 2 अक्टूबर 2025 से आरएसएस का शताब्दी वर्ष शुरू होगा। इसे मनाने के लिए संघ ने कई कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। इनमें से एक है तीन व्याख्यानों की एक…
(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस साल (2025) के स्वतंत्रता दिवस पर दिए जाने वाले भाषण में शामिल करने के लिए लोगों से उनके विचार/सुझाव मांगे हैं। यह पता नहीं चल पाया कि…
प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी-विस्फोट’ का अंतिम परिणाम क्या निकलेगा, यह विपक्ष के जन-प्रतिरोध के विस्तार पर निर्भर करता है। लेकिन, इस विस्फोट ने राज्य की तीन महत्वपूर्ण शाखाओं में से…
भारत छोड़ो आंदोलन डॉ राममनोहर लोहिया का आजादी के बाद के सालों में भी पीछा करता है। भारत छोड़ो आंदोलन में 21 महीने तक भूमिगत भूमिका निभाने के बाद लोहिया को बंबई में…
कुछ दिन पहले (26 जुलाई 2025) दो ईसाई ननों को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया। उन पर जो आरोप लगाए गए, वे गंभीर थे जबकि मामला केवल इतना…
यूँ तो हमारे देश में शिगूफ़ों की कोई कमी नहीं रही है। लेकिन पिछले दस साल में तो जैसे शिगूफ़े खिलाना एक राष्ट्रीय व्यवसाय हो गया है। आपको कोविड का दौर याद है?…
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) वह संस्था है जो स्कूली पाठ्यपुस्तकों की सामग्री के संबंध में अंतिम निर्णय लेती है। पिछले कुछ दशकों से विद्यार्थियों को तार्किक व निष्पक्ष ढंग से…
(भारतमाता एक बार फिर चर्चा में है। सौजन्य फिर से आरएसएस का है। केरल के उपराज्यपाल ने एक सरकारी आयोजन में भगवा ध्वजधारी भारतमाता की तस्वीर लगाई, जिसके विरोध में वहां के शिक्षामंत्री ने आयोजन…
अगर आपको देश के लोकतंत्र की चिंता है तो आपको बिहार में वोटर लिस्ट के “गहन पुनरीक्षण” (अंग्रेज़ी में एसआईआर यानी ‘सिर’) नामक सिरफिरी मुहिम पर गहन नज़र रखनी चाहिए। अगर आपको चुनाव…
सन 2016 में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि अब समय आ गया है जब हमें हमारी नई पीढ़ी को हर महत्वपूर्ण मौके पर भारत माता की जय का नारा लगाना…
वही हुआ जिसका अंदेशा था। दिल्ली से एक तुगलकी फरमान जारी हो गया। जब फरमान बिहार की ज़मीन पर पंहुचा तो रायता फ़ैल गया। उसे समेटा तो जा नहीं सकता, इसलिए अब रायता…
(यह लेख 5 साल पुराना है। संविधान की उद्देशिका में आपातकाल के दौरान जोड़े गए ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ पदों को हटाने की आरएसएस/भाजपा की मांग के चलते मीडिया में खूब बहस हो रही…
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले आरएसएस के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। हाल में उन्होंने 1975 में देश में आपातकाल लागू किए जाने के संदर्भ में कहा कि धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद ये दोनों…
(यह श्रद्धांजलि चंद्रशेखर के निधन (8 जुलाई 2007) पर लिखी गई थी और कई पत्रिकाओं और पोर्टलों पर प्रकाशित हुई थी। चंद्रशेखर ने मुख्यधारा राजनीति में उदारीकरण की मार्फत आने वाले नवसाम्राज्यवाद का…
पहला भ्रम: चुनाव आयोग बिहार की वोटर लिस्ट की गहरी छानबीन और संशोधन कर रहा है। सच: जी नहीं। बिहार में अभी तक चल रही मतदाता सूची का संशोधन नहीं होगा। पुरानी मतदाता…
मध्य उत्तरी तंजानिया के एक छोटे से इलाके में सिमट कर रह गए हाद्जा कबीले को दुनिया का सबसे पुराना जन समुदाय माना जाता है। 10 हजार साल से भी ज्यादा समय से…
इस साल (2025) में जून में देश ने आपातकाल (इमरजेंसी) लागू किए जाने की 50वीं वर्षगांठ मनाई। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में 25 जून को देश में आपातकाल लागू किया था।…
बृंदा करात जनगणना 2027 के लिए गजट अधिसूचना में जो इतनी ज्यादा देर की गई है, उसकी हो रही आलोचना पूरी तरह से सही है, क्योंकि वादा किया गया था कि जनगणना के…
इन दिनों ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ में हिंदू राष्ट्रवाद के उदय एवं प्रभुत्व पर योगेन्द्र यादव, सुहास पलसीकर एवं अकील बिलग्रामी जैसे मेधावी समाज विज्ञानियों के अत्यंत गहन विचार प्रकाशित हो रहे हैं। वे…
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की बात पर भरोसा करना मुश्किल है। सच से उनका छत्तीस का आंकड़ा रहा है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प ने 30,573 बार झूठ बोला…
वाह, क्या जुगलबंदी है! अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता के कृषि वाले पक्ष पर नीति आयोग के पेपर को पढ़कर मेरी पहले प्रतिक्रिया यही थी। उधर अमरीकी सरकार घुड़की देती है…
पिछले चार दशकों के दौरान भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती गई है। बाबरी मस्जिद के ढ़हाए जाने के बाद मुंबई में अभूतपूर्व हिंसा हुई जिसमें…
इस्राइल और ईरान की लड़ाई शुरू हुए अभी हफ्ता भी नहीं गुजरा है लेकिन युद्धों के इतिहास में इसका मुकाम कुछ अलग ढंग का ही लगने लगा है। इस बात को दोनों देशों…