पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया हुई और पाकिस्तान में आंतकी अड्डों को निशाना बनाया गया। अब, संघर्षविराम लागू हो चुका है, इसलिए यह इस बात पर विचार करने…
सैकड़ों शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और लेखकों ने एक बार फिर दुनिया को चेतावनी देने के लिए इतिहास की ओर रुख किया है। ठीक सौ साल पहले, जब फासीवाद यूरोप को निगल रहा था, तब…
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े अनेक ग़ैर-दलीय संगठनों और व्यक्तियों ने फिर उनके स्वर में अपना स्वर जोड़ा…
पटना के निकट बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर, बौद्ध धर्म के अनुयायियों का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान है क्योंकि भगवान गौतम बुद्ध को यहीं निर्वाण प्राप्त हुआ था। इस मंदिर का संचालन बोधगया मंदिर…
(यह विशेष लेख फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में लिखा गया था। 40 सैनिकों और उनके पीछे बचे परिवारों के साथ हुए उस…
अपने देश को किसी भी तरह के बाहरी हमले से सुरक्षित रखने का उपाय शुरू करने की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपना यह कार्यकाल शुरू करने के साथ ही कह चुके थे।…
नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर धीरे-धीरे अमल किया जा रहा है। अन्य बातों के अलावा, इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं भारतीय परंपराओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इतिहास विषय के पाठयक्रम…
वह कहावत है न : हाथ के तोते उड़ जाना, वह ऐसे ही वक्त के लिए बनी है। उन सभी जंगबाजों के हाथ के तोते उड़ गए हैं जो पिछले 3 दिनों से…
पहलगाम के पास बैसरन में 26 पर्यटकों की हत्या हाल के समय की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक है। बैसरन एक अत्यंत रमणीक स्थान है जहां सिर्फ घोड़े पर सवार होकर या…
2024 के चुनावों से पहले राहुल गांधी ने खास तौर पर जाति जनगणना की जरूरत पर बात की थी। कई विपक्षी नेताओं ने इसका समर्थन किया था। कांग्रेस शासित राज्यों और एनडीए शासित बिहार ने भी…
कोई एक सदी पहले गुजरे इंटलेक्चुअल लखनवी शायर बृज नारायण ‘चकबस्त’ का मशहूर शेर है- ‘ज़िंदगी क्या है, अनासिर में ज़ुहूर-ए-तरतीब / मौत क्या है, इन्हीं अजज़ा का परीशां होना।’ यानी, तत्वों में…
भारत में बौद्ध धर्म की छह सदियों लंबी गुमनामी के बाद इसका फिर से खोज लिया जाना सिर्फ एक संयोग का नतीजा है। बनारस के राजा चेत सिंह के दीवान (प्रधानमंत्री) जगत सिंह…
ब्रिटिश शासकों, इतिहासकारों, अध्येताओं, लेखकों, लोकगीतकारों ने 10 मई 1857 को मेरठ से शुरू हुए सिपाही विद्रोह को कई नामों से अभिहित किया है। नोमन्क्लेचर की यह विविधता विद्रोह के प्रति लोगों के…
7-8 मई की मध्यरात्रि को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर सहित पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुल 9 ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। भारत सरकार का दावा है कि उसने पाकिस्तान स्थित…
कश्मीर के बैसरन में 26 सैलानियों को बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया और कई अन्य घायल हुए। इस त्रासदी को उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह दावा किया गया…
दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में एक थी द्विराष्ट्र सिद्धांत का प्रतिपादन, जो औपनिवेशिकता-विरोधी भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के खिलाफ था। इससे ब्रिटिश उपनिवेशवादियों को इस विशाल भौगोलिक क्षेत्र पर राज करने में…
पहलगाम में आतंकियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या की तस्वीरें देख कर किस इंसान का कलेजा नहीं फटेगा, किस न्यायप्रिय व्यक्ति का खून नहीं खौलेगा? शोक के साथ क्षोभ होगा। ज़िम्मेदारी तय…
जरा कल्पना कीजिए। आप घर पर बैठे हैं, पुलिस आकर आपको गिरफ्तार कर लेती है। आप पूछते हैं आपका कसूर क्या है। पुलिस आप पर एक से एक संगीन आरोप लगा देती है।…
इस 14 अप्रैल (2025) को देश ने अम्बेडकर जयंती मनाई। कई लोग इस दिन को ‘समानता दिवस‘ के रूप में मनाते हैं, जो पूरी तरह उपयुक्त है। देश भर में इस अवसर पर…
तेलंगाना में रेवन्त रेड्डी नीत कांग्रेस सरकार ने हाल ही में तेलंगाना सामाजिक, जातिगत, आर्थिक, रोज़गार और राजनीतिक सर्वेक्षण (संक्षेप में जातिगत जनगणना) का काम सम्पन्न किया है जिसका घोषित उद्देश्य तेलंगाना की…
देशभर में लाखों घरेलू कामगार हैं, लेकिन उन्हें आज तक मज़दूर का दर्जा हासिल नहीं हुआ है और न घरेलू कामगारों के लिए कोई क़ानून बना है जो उनके कार्य की स्थितियों को…
वक्फ अधिनियम को संशोधित कर दिया गया है। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए जाने और राष्ट्रपति का अनुमोदन हासिल होने के बाद ‘यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025″…
बाबासाहेब आम्बेडकर की जयंती पर यह सवाल पूछना बनता है। क्या बाबासाहेब द्वारा रचित भारत का संविधान एक भारतीय दस्तावेज है? पहली नज़र में यह सवाल अजीब और अनर्गल लग सकता है। हो सकता…
पिछले कुछ दिनों में केरल के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में सामने आयी घटनाओं ने एक बड़ा उद्देश्य पूरा किया है। उन्होंने केरल में संस्थागत वामपन्थ और उसके नेतृत्व वाली सरकार की वास्तविक वर्गीय प्रकृति…
मोदी राज में किसान की यही नियति बन गई है। एक मुसीबत से जान छूटी तो दूसरी तैयार। ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने तीन किसान विरोधी कानूनों को हराया। इधर किसान एम.एस.पी. हासिल करने…