गुरुग्राम। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष, कुमारी सैलजा के राजनैतिक सचिव व दक्षिण हरियाणा के प्रभारी राजन राव ने विधानसभा में पेश हुए बजट को प्रदेशवासियों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी वाला बजट है। कोरोना महामारी के बाद हरियाणा प्रदेश के लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद ही खस्ता है। लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें थी। पर इस बजट से हरियाणा वासियों को निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा है।
सदन में नेता प्रति पक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी बजट को आंकड़ो का खेल बताया और कहा कि ”खोदा पहाड़ निकली चुहिया”, मैंने ढाई घंटे लंबा बजट आज तक नहीं देखा और इस बजट का कोई रीज़न नहीं है। बजट से लोगों को भ्रमित किया गया, हमें लगा महंगाई से राहत मिलेगी, किसानों की लागत बढ़ रही है लेकिन सरकार ने किसी को राहत नही दी और पेंशन का वादा भी पूरा नहीं किया। वही कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने भी कहा कि इस बजट ने हरियाणावासियों की सारी उम्मीदें धूमिल कर दी हैं। भाजपा-जजपा सरकार हरियाणा प्रदेश को सिर्फ कर्ज में धकेलने का कार्य कर रही है।
राव ने कहा सरकार सिर्फ हरियाणा प्रदेश को कर्ज में धकेलने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार में शामिल लोगों ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि उनकी सरकार आने पर बुजुर्गों की पेंशन 5100 रुपए प्रतिमाह की जाएगी। लेकिन सरकार के बनने के बाद यह कहा गया कि प्रति वर्ष ढाई सौ रुपए की वृद्धि की जाएगी, लेकिन अब जो ऐलान किया गया है वह भी हरियाणा वासियों के साथ एक धोखा है। सरकार द्वारा जो वृद्धि की गई वह अप्रैल माह से लागू होगी। यानी कि इस वर्ष जनवरी, फरवरी और मार्च माह में यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट पेश करते हुए यह कहा कि उन्होंने 30 हजार करोड रुपए का कर्ज लिया। मुख्यमंत्री यह बताएं कि यह पैसा आखिर कहां-कहां पर खर्च हुआ है। इस सरकार की नाकामी के कारण प्रदेश का कर्ज आज लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 1966 से लेकर वर्ष 2014 तक 48 वर्षों में प्रदेश पर जो कर्जा 70 हजार करोड़ था, वह वर्ष 2014 के बाद से इस सरकार में 2,29,976 करोड़ तक जा रहा है। इस सरकार में हरियाणा प्रदेश पर कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो इस सरकार की नाकामियों की पोल खोलता है।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश का किसान हताश और निराश है। इस सरकार की नीतियों ने उसे पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर ला दिया है। किसानों को उनकी फसल के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। किसानों की लागत बढ़ती ही जा रही है। इस बजट से उम्मीद थी कि किसानों को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन इस सरकार ने एक बार फिर अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। इस बजट में किसानों के लिए कुछ भी खास नहीं है।
कहा कि पिछले 6 वर्षों में किए गए वायदे ही आज तक पूरे नहीं किए गए हैं। हरियाणा प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय भी घट गई है। इस सरकार द्वारा शिक्षा बजट में भी कटौती कर दी गई है। प्रदेश में उद्योगों के लिए और युवाओं के रोजगार लिए भी इस बजट में कुछ नहीं है। आज पूरे प्रदेश में उद्योग-धंधे चौपट हैं। प्रदेश की बेरोजगारी दर पिछले लंबे समय से पूरे देश में सबसे अधिक है। हरियाणा प्रदेश का युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां हैं नहीं। सरकारी नौकरियां सरकार देना नहीं चाहती। इस बजट से उद्योग-धंधों के साथ हरियाणा प्रदेश के युवाओं को भी बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को उम्मीद थी कि आज आसमान छू रही महंगाई से इस बजट में कुछ हद तक उन्हें राहत मिलेगी। सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम कर उन्हें कुछ राहत देगी। लेकिन इस बजट में महंगाई से राहत देने के लिए कुछ भी नहीं है। हरियाणा प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चरमराती जा रही है। महिलाएं आज भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बजट में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।









