असम में 126 में से 110 सीटों के रुझान आए, NDA को 68 और UPA को 39 सीट पर बढ़त


असम में फिलहाल भाजपा की सरकार है। पिछली बार साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के खाते में 126 में से 86 सीट आई थीं। कांग्रेस को 26 सीटों पर ही जीत से संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा, AIUDF को 13, एजीपी को 14, बीपीएफ को 12 और अन्य के खाते में एक सीट आई थी।


बबली कुमारी बबली कुमारी
पूर्वोत्तर Updated On :

गुवाहाटी। पांच राज्यों के साथ ही असम में विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती चल रही है। शुरुआती रुझानों में यहां बीजेपी गठबंधन एक बार फिर से वापसी करता नजर आ रहा है। शुरुआती 110 सीटों के रुझान में एनडीए को 68 और यूपीए को 39 व अन्य के खाते में 3 सीट पर बढ़त दिख रही है। दोपहर तक साफ हो जाएगा कि राज्य में बीजेपा या कांग्रेस में किसकी सरकार बनेगी। राज्य में तीन चरणों में चुनाव कराए गए थे। राज्य में 126 विधानसभा सीटें हैं और इस समय बीजेपी की सरकार है। पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। निर्वाचन आयोग के मुताबिक राज्य तीन चरणों में हुए चुनावों में कुल 82.04 फीसद मतदान दर्ज किया गया है।

एनडीए को कड़ी चुनौती मिलने के आसार
राज्य में सामने 8 पार्टियों की चुनौती रही जिसमें कांग्रेस भी शामिल है। बीजेपी भी दो सहयोगी दलों के साथ चुनाव में उतरी थी। एग्जिट पोल्स की मानें तो असम चुनाव में भाजपा और कांगेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। यूपीए गठबंधन सत्तारूढ़ एनडीए के करीब पहुंचता दिख रहा है। टाइम्स नाउ /एबीपी न्यूज-सी वोटर एग्जिट पोल के अनुसार, बहुमत हासिल करने में एनडीए को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कांग्रेस उसके ठीक नजदीक पहुंचती हुई दिखती है।
त्रिशंकु विधानसभा के आसार
असम विधानसभा में एक त्रिशंकु विधानसभा के आसार हैं जिसमें निर्दलीय और अन्य विधायक निर्णायक साबित हो सकते हैं। इस चुनावी समर में कांग्रेस ने यूपीए का नेतृत्व किया और एनडीए ने राज्य में विकास का वादा किया। कांग्रेस ने सीएए का विरोध करते हुए राज्य में पांच गारंटी का वादा किया था और एनडीए ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चुनावी लड़ाई लड़ी थी। असम में तीन चरणों में मतदान हुआ
पिछली बार भाजपा ने जीती थी 86 सीटें
असम में फिलहाल भाजपा की सरकार है। पिछली बार साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के खाते में 126 में से 86 सीट आई थीं। कांग्रेस को 26 सीटों पर ही जीत से संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा, AIUDF को 13, एजीपी को 14, बीपीएफ को 12 और अन्य के खाते में एक सीट आई थी।