देश को मंहगाई की आग में झोंक रही है मोदी सरकार: राजन


कांग्रेस सरकार के समय दो रुपए की बढ़ोतरी होने पर भी भाजपा के लोग अर्धनग्न होकर सड़कों पर निकल पड़ते थे। खुद पीएम इसे सरकार की विफलता बताते थे, अब ये खामोश क्यों हैं?


Ritesh Mishra Ritesh Mishra
हरियाणा Updated On :

गुड़गांव। हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजन राव ने रसोई गैस और पेट्रो पदार्थों में हो रही मूल्यवृद्धि पर भाजपा की केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राव ने कहा कि मोदी सरकार देश को मंहगाई की आग में झोंक रही है और भाजपा के वरिष्ठ नेता आए दिन बढ़ते दामों को लेकर बेशर्मी भरे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री खुद मन की बात कर रहे हैं लेकिन देश के मन की बात को नहीं समझ रहे हैं।

कांग्रेस सरकार के समय दो रुपए की बढ़ोतरी होने पर भी भाजपा के लोग अर्धनग्न होकर सड़कों पर निकल पड़ते थे। खुद पीएम इसे सरकार की विफलता बताते थे, अब ये खामोश क्यों हैं? चुनाव के समय लोगों से पेट्रो और गैस के दाम याद रखने का आह्वान किया जाता था। भाजपा यह भूल गई कि पश्चिम बंगाल के साथ अन्य चार राज्यों के चुनाव में जनता इस मूल्य वृद्धि को नहीं भुलाने वाली। जनता भाजपा के एक एक जुल्म के खिलाफ वोट करेगी।

उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री जनता को यह कहकर महंगाई को याद रखने की नसीहत देते थे कि बूथ में जाने और वोट करने से पहले रसोई गैस और तेल की कीमतों को याद कर लेना। अब भी जनता इन को याद करके ही वोट करेगी। तेल और गैस के बढ़ते दामों ये लोगों की जेब में आग लगा दी है। मार्च के पहले दिन ही गैस के दाम बढ़ाकर महिलाओं को रसोई का बजट बिगड़ने का तोहफा इस सरकार की ओर से दिया गया है।

होली से पहले लोगों को भाजपा ने दिया मूल्यवृद्धि का तोहफा
लोगों को होली से पहले बढ़े दामों का तोहफा दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरवरी में भी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की गई। एक फरवरी को एक गैस सिलेंडर की कीमत 694 रुपए प्रति सिलेंडर थी। 4 फरवरी को दाम बढ़ने के बाद इसकी कीमत 719 रुपए और इसके बाद 15 फरवरी को 719 रुपए से 769 रुपए हो गई। इसके बाद फिर से 25 फरवरी को घरेलू गैस के दाम 25 रुपए बढ़ाया गया, जिसके बाद उसकी कीमत 769 रुपए से बढ़कर 794 हो गई। आज यानी एक मार्च को 25 एलपीजी गैस के दाम में 25 रुपए के इजाफे के बाद अब सिलेंडर की कीमत 819 रुपए हो गई है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल का रेट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। फरवरी महीने में पेट्रोल 4.87 रुपए और डीजल का रेट 4.99 रुपए महंगा हो चुका है। दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल 91.17 और डीजल 81.47 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। कई शहरों में पेट्रोल के रेट 100 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर आम आदमी केंद्र और राज्य को टैक्स के रूप में 60 प्रतिशत राशि चुकाता है जबकि डीज़ल के लिए उसे 54 प्रतिशत रकम चुकानी रही है।

शोपीस बनकर रह गए गैस सिलिंडर
फरवरी के मध्य से अब तक पेट्रोल के दामों में प्रति लीटर 19.7 रुपए की बढ़ोत्तरी हो चुकी है जबकि इसी दौरान डीज़ल के दाम 17.41 रूपये प्रति लीटर बढ़े हैं। इसकी इकलौती वजह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कम होती क़ीमतों के दौरान भी सरकार की ओर टैक्स को बढ़ाना रहा। देशहित का स्वांग रचाकर लोगों को भावनात्मक रूप से बेवकूफ बनाने वाली भाजपा सरकार दामों को नियंत्रित करने का कोई कदम नहीं उठा रही। लॉक डाउन ने पहले ही लोगों के रोजगार छीन लिए, लोगों को एक एक पैसे का मोहताज कर दिया। ऊपर से गैस और तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी लोगों रही सही कसर पूरी कर रही है।

राजन ने कहा कि लोग किसी तरह अपना गुजारा कर रहे थे लेकिन अब वह भी दूभर हो गया है। उज्जवला योजना पर सीना चौड़ा करने वाले यह बताएं कि आज कितने लाभार्थी गैस भरवाने में सक्षम हैं? उनके गैस सिलेंडर शोपीस बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को उसकी करनी का फल देगी। इसकी शुरुआत बंगाल की धरती से होगी। चुनाव में जनता भाजपा की ज्यादतियों को याद कर उसके ताबूत में कील ठोकेगी।



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